यह ख़बर 03 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

नई फसल आवक से गेहूं वायदा कीमतों में गिरावट

खास बातें

  • गेहूं के पर्याप्त स्टाक के बीच हाजिर बाजार में आटा मिलों की मांग में गिरावट के कारण वायदा कारोबार में गेहूं कीमतों पर दबाव कायम हो गया।
नई दिल्ली:

सरकार के द्वारा गेहूं के 2.6 करोड़ टन के खरीद लक्ष्य को हासिल करने के बाद सटोरियों द्वारा अपने सौदों की कटान करने से वायदा कारोबार में शुक्रवार को गेहूं कीमतें सात रुपये तक की हानि के साथ 1,183 रुपये प्रति क्विंटल रह गईं। गेहूं के पर्याप्त स्टाक के बीच हाजिर बाजार में आटा मिलों की मांग में गिरावट के कारण वायदा कारोबार में गेहूं कीमतों पर दबाव कायम हो गया। एनसीडीईएक्स में गेहूं के जून डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत सात रुपये अथवा 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,183 रुपये प्रति क्विंटल रह गयी जिसमें 28,170 लाट के लिए कारोबार हुआ। इसी प्रकार से गेहूं के जुलाई डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 6.20 रुपये अथवा 0.51 प्रतिशत की हानि के साथ 1,206 रूपये प्रति क्विंटल रह गयी जिसमें 17,410 लाट के लिए कारोबार हुआ। बाजार विश्लेषकों ने गेहूं वायदा कीमतों में गिरावट का श्रेय इस खबर को दिया कि सरकार ने अभी तक 2.6 करोड़ टन के रिकार्ड खरीद लक्ष्य को हासिल कर लिया है।


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