नई दिल्ली: भारत ने शायद पहली बार चीन से पेट्रोल और डीजल का आयात किया है. पेट्रोलियम उत्पादों का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश भारत अपने ईंधन प्राप्ति स्रोतों में विविधता लाने पर जोर दे रहा है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि भारत ने चालू वित्त वर्ष के नौ माह में चीन से 18,000 टन पेट्रोल और 39,000 टन डीजल का आयात किया.
भारत परंपरागत तौर पर सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात से पेट्रोल, डीजल का आयात करता रहा है. उन्होंने कहा, 'हालांकि, देश में पेट्रोल और डीजल का कुल उत्पादन घरेलू खपत से ज्यादा है, लेकिन कुछ खास किस्म के उत्पाद की जरूरत होने पर पेट्रोल और डीजल की कुछ मात्रा का आयात किया जाता है. प्रधान ने कहा कि पिछले चार सालों के दौरान भारत ने चीन से पेट्रोल, डीजल का कोई आयात नहीं किया.
अप्रैल से दिसंबर 2016 अवधि में देश में 2.71 करोड़ टन पेट्रोल का उत्पादन किया गया, जबकि इस दौरान खपत 1.80 करोड़ टन रही. जहां तक डीजल की बात है इसका घरेलू उत्पादन 7.65 करोड़ टन और खपत 5.72 करोड़ टन रही. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर अवधि में देश में कुल मिलाकर 8,20,000 टन डीजल का और 4,76,000 टन पेट्रोल का आयात किया गया. इन नौ महीनों में सिंगापुर के मुकाबले यूएई ने सबसे अधिक 2,43,000 टन पेट्रोल की आपूर्ति की है, जबकि सिंगापुर से 1,69,000 टन पेट्रोल आयात किया गया. डीजल के मामले में भी यूएई से सबसे अधिक 3,80,000 टन डीजल आयात किया गया.
(इनपुट भाषा से)