नई दिल्ली: घरेलू हवाई यात्रियों को भी जल्द ही हवाई अड्डों पर पूरी तरह कागज रहित बोर्डिंग की सुविधा मिल सकती है. सरकार अपनी बायोमैट्रिक आधारित ‘डिजी-यात्रा’ पहल के तहत इन यात्रियों का एक विशिष्ट आईडी उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है. नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी. इसके लिए यात्रियों को सरकार के एयरसेवा- दो पोर्टल के जरिए नामांकन करवाते हुए कागजरहित सेवाओं के लिए ‘डिजी - यात्रा’ आईडी के लिए आवेदन करना होगा.
मंत्री ने कहा,‘आधार ढांचे का इस्तेमाल करते हुए हम पहले किसी यात्री का प्रमाणन करेंगे. उसके बाद हम डेटाबेस बनाएंगे और पहचान प्रक्रिया करेंगे ताकि लोग बिना कागज के ही हवाई अड्डे में आ सकें. इससे हमारे हवाई अड्डे अधिक सुगम होंगे और उनका कार्य निष्पादन बढ़ेगा.’
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इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल पूरी तरह से ‘स्वैच्छिक’ है और यात्री ‘डिजी-यात्रा’ के लिए नामांकन करवाने का फैसला अपनी मर्जी से कर सकते हैं. उन्होंने कहा,‘यह ढांचा गोपनीयता की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिहाज से बनाया गया है.उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि गोपनीयता मूल अधिकार है. डिजिटल यात्रा प्रणाली में गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा गया है.’
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नागर विमानन सचिव आर एन चौबे ने कहा कि चेहरा आधारित पहचान प्रक्रिया क बाद यात्री ‘ई-गेट’ से हवाई अड्डे में प्रवेश कर सकते हैं.’