BSNL को उबारने के लिए Budget में प्लान लेकर आई सरकार, 44,720 करोड़ का करेगी निवेश

सरकार BSNL में अगले वित्त वर्ष में 44,720 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी. बजट दस्तावेज में कहा गया है कि बीएसएनएल में पूंजी डालने का प्रस्ताव 4जी स्पेक्ट्रम, प्रौद्योगिकी उन्नयन और कंपनी के पुनर्गठन को लेकर है.

BSNL को उबारने के लिए Budget में प्लान लेकर आई सरकार, 44,720 करोड़ का करेगी निवेश

BSNL में अगले वित्त वर्ष में 44,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगी सरकार.

नई दिल्ली:

सरकार घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी BSNL में अगले वित्त वर्ष में 44,720 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी. बजट दस्तावेज में कहा गया है, ‘बीएसएनएल में पूंजी डालने का प्रस्ताव 4जी स्पेक्ट्रम, प्रौद्योगिकी उन्नयन और कंपनी के पुनर्गठन को लेकर है.' पूंजी डालने के अलावा सरकार दूरसंचार कंपनी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) को लेकर 7,443.57 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय समर्थन उपलब्ध कराएगी. साथ ही जीएसटी भुगतान को लेकर सहायता अनुदान के रूप में 3,550 करोड़ रुपये दिये जाएंगे.

दस्तावेज के अनुसार, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना को लेकर वित्तीय समर्थन बीएसएनएल और एमटीएनएल दोनों के लिये है. माल एवं सेवा कर को लेकर समर्थन बीएसएनएल के लिये है. यह सहायता 4जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर जीएसटी भुगतान के लिये है.

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिये अतिरिक्त वित्तीय समर्थन 69,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज के अलावा है. यह पैकेज सरकार ने कंपनियों को अक्टूबर, 2019 में उपलब्ध कराया था.

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BSNL ने मांगी थी 40,000 करोड़ रुपये की मदद

बता दें कि पिछले साल सितंबर में जानकारी मिली थी कि बीएसएनएल ने 40,000 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद के लिए सरकार से संपर्क किया है. इसमें से आधी राशि अल्पकालिक कर्ज चुकाने के लिए सरकारी गारंटी के रूप में जरूरत है. बीएसएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पीके पुरवार ने बताया था कि कंपनी को किसी अतिरिक्त कर्ज की जरूरत नहीं है और परिचालन के लिए उसका कारोबार आत्मनिर्भर हो गया है.

पुरवार ने कहा था, ‘हमें किसी अतिरिक्त ऋण की आवश्यकता नहीं है. हमने अपने अल्पकालिक ऋण का भुगतान करने और दीर्घकालिक बांड जारी करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी मांगी है. अगर हमें मोबाइल नेटवर्क के लिए एक लाख नोड बी (मोबाइल साइट्स) स्थापित करना है तो हमें 20,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी.'

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बीएसएनएल के सीएमडी ने भी साफ किया था कि कंपनी ने सहायता के लिए सरकार से संपर्क किया है, जो 2019 में घोषित 69,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज से अलग है. बता दें कि बीएसएनएल पर लगभग 30,000 करोड़ रुपये का कर्ज है जो दूरसंचार क्षेत्र में सबसे कम है.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)