खास बातें
- अगस्त के महीने में शेयर बाजार में चले भारी उतार-चढ़ाव के सिलसिले ने निवेशकों की हालत पतली कर दी है।
मुंबई: अगस्त के महीने में शेयर बाजार में चले भारी उतार-चढ़ाव के सिलसिले ने निवेशकों की हालत पतली कर दी है। माह के दौरान कारोबार के प्रत्येक सेकंड में निवेशकों को एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। इस तरह माह के दौरान बाजार का कुल घाटा 5.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। जनवरी, 2011 के बाद अगस्त का महीना निवेशकों के लिए सबसे काला साबित हुआ है। जनवरी में निवेशकों को प्रत्येक सेकंड में 1.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जबकि अगस्त में उन्हें हर सेकंड में 1.13 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। माह के दौरान बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 1,500 से अधिक अंक नीचे आया। इस दौरान निवेशकों की पूंजी में 5,55,650 करोड़ रुपये की गिरावट आई। यह जनवरी, 2011 के बाद सबसे बड़ी हानि है। उस समय बाजार का पूंजीकरण 7,00,000 करोड़ रुपये से अधिक घटा था। अगस्त में कुल 21 दिन कारोबार हुआ। प्रत्येक दिन 23,400 सेकंड का कारोबार हुआ। इस तरह प्रति सेकंड का नुकसान 1.13 करोड़ रुपये बैठता है। यदि पिछले दो कारोबारी सत्रों में बाजार में सुधार नहीं आता, तो यह नुकसान और बड़ा हो सकता था। इन दो दिन में सेंसेक्स करीब पांच प्रतिशत यानी 800 अंक चढ़ा। इस तरह बाजार के पूंजीकरण में करीब 3,00,000 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। माह के दौरान प्रतिदिन का नुकसान 26,500 करोड़ रुपये बैठता है। इनमें निवेशकों के सभी वर्ग-प्रवर्तक के साथ-साथ आम शेयरधारक भी शामिल हैं। यह आंकड़ा सभी सूचीबद्ध शेयरों के बाजार पूंजीकरण में आई कमी पर आधारित है। अगस्त के अंत तक इन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटकर 60,61,625 करोड़ रुपये रह गया है। एक और खास तथ्य यह है कि लगातार चौथे महीने निवेशकों को नुकसान झेलना पड़ा है। जुलाई में निवेशकों को 1,13,673 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जबकि जून में 921 करोड़ रुपये, मई में 1,76,220 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस तरह चार महीनों में निवेशकों को 8,50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इससे पहले मार्च और अप्रैल के महीनों में निवेशकों की पूंजी 5,50,000 करोड़ रुपये बढ़ी थी। जनवरी-फरवरी में निवेशकों को 9,50,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा था। इस साल अब तक निवेशकों को 12,50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।