यह ख़बर 26 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

भारतीय निवेश से मिली हजारों अमेरिकियों को नौकरी

खास बातें

  • अमेरिका के 40 राज्यों में कारोबार का संचालन कर रही भारतीय कम्पनियों ने यहां विनिर्माण कम्पनियों में 82 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जिससे हजारों लोगों को नौकरियां मिली हैं।
वाशिंगटन:

अमेरिका के 40 राज्यों में कारोबार का संचालन कर रही भारतीय कम्पनियों ने यहां विनिर्माण कम्पनियों में 82 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जिससे हजारों लोगों को नौकरियां मिली हैं। यह बात भारतीय व्यावसायिक मंच (आईबीएफ) के 2012 के सर्वेक्षण में कही गई।

कैपिटल हिल में बुधवार को एक समारोह में भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा जारी सर्वेक्षण रिपोर्ट (भारतीय जड़ें, अमेरिकी जमीन : अमेरिकी अर्थव्यवस्था और समाज में मूल्य संवर्धन) में अमेरिकी समुदायों पर भारतीय कम्पनियों के प्रभाव का उल्लेख किया गया है।

समारोह में अन्य लोगों के अलावा अमेरिकी सीनेट और प्रतिनिधि सभा के इंडिया कॉकस के चार सह-अध्यक्ष-सीनेटर जॉन कॉर्निन, सीनेटर मार्क वार्नर, कांग्रेसमैन जोसेफ क्राउली और कांग्रेसमैन ईड रॉयस भी मौजूद थे।

अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने कहा, "भारतीयों और अमेरिकियों के एक दूसरे के देशों में आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों के तेजी से बढ़ने से दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण आधार मिल रहा है।"

परिसंघ की क्षेत्रीय निदेशक संध्या सतवादी ने कहा, "आईबीएफ के जरिए हम अमेरिका में भारतीय निवेश की व्यापकता को उजागर करना चाहते हैं साथ ही भारतीय कम्पनियों के बारे में फैली कुछ भ्रांतियों को दूर करना चाहते हैं।"

अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष :

- अमेरिकी आर्थिक सुस्ती के बाद भी सर्वेक्षण में शामिल 70 फीसदी कम्पनियों ने 2005 से अब तक कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई हैं।

- सर्वेक्षण में शामिल 34 फीसदी कम्पनियों ने अमेरिका में विनिर्माण कम्पनियों की स्थापना की और इनमें 82 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश किया।

- वर्ष 2005 से इन कम्पनियों ने अमेरिका में 72 विलय और अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की और हजारों लोगों की नौकरियां बचाईं तथा नई नौकरियां दीं।

- इन कम्पनियों की कुल आय 2010-11 में 23 अरब डॉलर से अधिक थी।

- इन कम्पनियों ने अकेले 2012 में 19 करोड़ डॉलर से अधिक शोध और विकास पर खर्च करने का अनुमान जताया है।

- इनमें से 65 फीसदी कम्पनियां कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) गतिविधियां चलाती हैं।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

- इन गतिविधियों से 27 विश्वविद्यालयों, सामुदायिक कॉलेजों तथा उच्च विद्यालयों को सहायता मिल रही है।