यह ख़बर 16 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

एयर इंडिया के पायलटों की याचिका पर फैसला सुरक्षित

खास बातें

  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एयर इंडिया के पायलटों के संघ इंडियन पायलट गिल्ड की याचिका पर फैसला गुरुवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
नई दिल्ली:

एयर इंडिया पायलटों की हड़ताल का आज नौंवा दिन है। लम्बी खिंचती जा रही इस हड़ताल की वजह से अब यात्रियों के साथ−साथ छोटे कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पर रहा है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एयर इंडिया के पायलटों के संघ इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) की याचिका पर फैसला गुरुवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया।

पायलटों ने उच्च न्यायालय के एकल पीठ के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें पायलटों को अवैध हड़ताल पर जाने से रोका गया था।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और राजीव शकधर की दो सदस्यीय पीठ ने एयर इंडिया और आईपीजी के तर्को को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

अपने नौ मई के फैसले में उच्च न्यायालय की न्यायाधीश, न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल ने पायलटों की हड़ताल को अवैध करार दिया था। दरअसल, बोइंग 787 ड्रीमलाइन विमान को उड़ाने का प्रशिक्षण पूर्व कम्पनी इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को दिए जाने के विरोध में आईपीजी से सम्बध करीब 100 पायलट सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश पर चल रहे हैं।

बुधवार को आईपीजी ने कहा कि उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने बिना अधिकार और दूसरे पक्ष को सुने बिना आदेश पारित कर दिया।

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आईपीजी के वकील ने कहा, "जब आईपीजी का मुख्यालय मुम्बई में है ऐसे में दिल्ली उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार कहां है। आईपीजी का दिल्ली में केवल एक कार्यालय है और उस आधार एयर इंडिया अदालत नहीं आ सकती।"