अरहर और उड़द के बाद अब चना दाल महंगाई की चपेट में

अरहर और उड़द के बाद अब चना दाल महंगाई की चपेट में

खास बातें

  • सरकार के लिए बना नया सिरदर्द
  • पिछले 10 दिनों में तेजी से बढ़े इसके दाम
  • जमाखोरी और कयासबाजी को बताया जा रहा वजह
नई दिल्‍ली:

अरहर दाल की कीमतों पर नकेल कसने का रास्ता तलाश रही सरकार को अब एक नए सिरदर्द से निपटना पड़ रहा है। दिल्ली के खुदरा बाज़ार में चना दाल का खुदरा दाम अब तक के सबसे ऊंचे स्‍तर 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

अशोक खुराना चालीस साल से सेंट्रल दिल्ली के साउथ एवेन्यू इलाके में किराना दुकान चलाते हैं। मंगलवार को चना दाल जब थोक बाज़ार में 110 रुपये किलो पहुंच गई तो उन्होंने उपभोक्ताओं को चना दाल 120 रुपये के रेट पर बेचनी शुरू कर दी।

ये संकट दिल्ली के थोक और खुदरा बाज़ार तक ही सीमित नहीं है। खाद्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले दस दिन में चना दाल देश के 17 शहरों में 7 रुपये प्रति किलो या उससे ज़्यादा महंगी हो गई है। सबसे ज़्यादा महंगी दिल्ली में बिक रही है।

पिछले दस दिन में चना दाल के दाम सबसे ज़्यादा अंबिकापुर में 20 रुपये किलो, अमृतसर  में 16 रुपये, जयपुर में 15 रुपये, करनाल  में 12 रुपये, तिरूवनंतपुरम में 12 रुपये और कोयंबटूर में 12 रुपये प्रति किलो बढ़े हैं।

एनडीटीवी ने जब इस बारे में खाद्य मंत्री रामविलास पासवान से पूछा तो उन्होंने कहा, "चना दाल की सप्लाई और प्रोडक्शन में समस्या नहीं है। इसकी कीमतें जमाखोरी और बाज़ार में कयासबाजी की वजह से बढ़ रही हैं।'' ज़ाहिर है, अरहर और उड़द दाल के बाद अब चना दाल महंगाई की चपेट में है।


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