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आउटसाइडर होने पर छलका पूजा चोपड़ा का दर्द, बोलीं- ब्यूटी पेजेंट जीतने से बॉलीवुड के दरवाजे नहीं खुलते

एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा ने बॉलीवुड में आउटसाइडर होने की फीलिंग को लेकर अपना दर्द बयां किया है उन्होंने कहा कि आप कितने ही नामी एक्टर्स है आपको वक्त आने पर ऑडिशन देना ही पड़ता है.

आउटसाइडर होने पर छलका पूजा चोपड़ा का दर्द, बोलीं- ब्यूटी पेजेंट जीतने से बॉलीवुड के दरवाजे नहीं खुलते
pooja chopra

साल 2008 में मधुर भंडारकर की फिल्म 'फैशन' में एक छोटी सी भूमिका से अपने करियर की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा (Pooja Chopra) ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. 2009 में 'फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड' का ताज अपने नाम करने और 'मिस वर्ल्ड' प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए टॉप 16 में जगह बनाने वाली पूजा ने 'कमांडो' जैसी फिल्मों से काफी सराहना बटोरी.हाल ही में NDTV को दिए एक इंटरव्यू में पूजा ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव, बिना गॉडफादर के बॉलीवुड की राह और इंडस्ट्री में ऑडिशन की अहमियत पर अपनी राय रखी.

मां के भरोसे ने दी ताकत

अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए पूजा ने कहा कि जब आप किसी नई फील्ड को चुनते हैं, तो कठिनाइयां आना स्वाभाविक है.  उन्होंने बताया कि जब मैंने बॉलीवुड में कदम रखा, तो मेरे परिवार का इससे दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था. मुझे पता था कि मुझे अपने सपनों को पाने में बहुत मुश्किलें आएंगी.  मैं एक मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आती हूं, मुंबई में किसी को नहीं जानती थी और न ही मेरा कोई गॉडफादर था. इंडस्ट्री को लेकर कई तरह की अफवाहें भी सुनी थीं, लेकिन मुझे खुद पर और मेरी मां को मुझ पर पूरा भरोसा था। इसी हिम्मत के बल पर मैं आगे बढ़ती चली गई."

Beauty Pageant से सीधे फिल्मों का रास्ता?

आम तौर पर माना जाता है कि मिस इंडिया या मिस वर्ल्ड बनने के बाद बॉलीवुड के दरवाजे खुद-ब-खुद खुल जाते हैं. इस पर पूजा ने बताया कि अगर ब्यूटी पेजेंट्स से सीधे फिल्में मिलतीं, तो आज की सभी टॉप एक्ट्रेस मिस इंडिया या मिस वर्ल्ड होतीं. ब्यूटी कॉन्टेस्ट आपको एक पहचान और प्लेटफॉर्म जरूर देता है, जिससे मेकर्स के लिए आपको कास्ट करना थोड़ा आसान हो जाता है. हालांकि, वह दौर बीत चुका है जब सिर्फ खिताब के दम पर रोल मिल जाते थे. आज आपको सिर्फ और सिर्फ अपने टैलेंट के दम पर काम मिलता है. अगर मैं अपनी बात कहूं तो मुझे पहली फिल्म से लेकर अभी तक ऑडिशन देना पड़ा है और अभी तक दे रही हूं. 

"रणबीर-रणवीर जैसे सितारे भी देते हैं ऑडिशन

ऑडिशन कल्चर का समर्थन करते हुए पूजा ने कहा कि उन्हें अपनी पहली फिल्म से लेकर आज तक हर प्रोजेक्ट के लिए ऑडिशन देना पड़ता . उन्होंने कहा कि आज के समय में रणबीर कपूर और रणवीर सिंह जैसे बड़े स्टार्स को भी ऑडिशन या लुक टेस्ट देना पड़ता है, क्योंकि डायरेक्टर्स आपको उस किरदार के रूप में देखना चाहते हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

अपकमिंग प्रोजेक्ट्स और 'रामायण' में काम करने की इच्छा

अपनी आने वाली फिल्म के बारे में बात करते हुए पूजा ने बताया कि वह जल्द ही पारिवारिक ड्रामा फिल्म 'जीवन बीमा योजना' (Jeevan Bheema Yojana) में नजर आने वाली हैं. इस फिल्म में एक्टर अरशद वारसी डबल रोल निभाते नजर आएंगे.

बातचीत के दौरान जब पूजा से रणबीर कपूर की आगामी महाकाव्य फिल्म 'रामायण' का जिक्र आया, तो पूजा ने अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा कि अगर उन्हें फिल्म में *माता सीता* जैसा किरदार निभाने का मौका मिलता है, तो वह इसे पूरे दिल से इसे निभाती.

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