जब देवर की शादी हो और भाभी बारात लेकर निकले तो माहौल अपने आप खास हो जाता है. हिंदी सिनेमा ने इस रिश्ते को कई बार पर्दे पर दिखाया है. लेकिन एक गाना ऐसा है, जिसने देवर-भाभी की नोकझोंक और अपनापन दोनों को यादगार बना दिया. साल 1994 में आई फिल्म ‘हम आपके हैं कौन' का गाना ‘लो चली मैं अपनी देवर की बारात लेके' आज भी शादी समारोह में खूब सुनाई देता है. गाने में भाभी अपने देवर की शादी की जिम्मेदारी संभालती नजर आती है. शादी की रस्में, मस्ती और परिवार का माहौल इसे खास बनाता है. 31 साल बाद भी इसकी लोकप्रियता कायम है.
शादी की मस्ती से भरा था पूरा गाना
‘लो चली मैं अपनी देवर की बारात लेके' को फिल्म में शादी के जश्न के बीच दिखाया गया है. इसमें परिवार के लोग मिलकर खुशियां मनाते हैं. गाने का सबसे खास हिस्सा देवर और भाभी का रिश्ता है. भाभी अपने देवर की शादी को लेकर उत्साहित है. गाने में पारिवारिक माहौल को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया. यही वजह है कि यह सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं रहा. धीरे-धीरे यह असली शादियों का भी हिस्सा बन गया. गाने को लता मंगेशकर ने आवाज दी थी. इसका संगीत रामलक्ष्मण ने तैयार किया था. फिल्म के संगीत में कुल 14 गाने थे. इसके बोल देव कोहली और रविंद्र रावल ने लिखे थे.
सलमान-माधुरी की फिल्म ने बनाया था इतिहास
‘हम आपके हैं कौन' का निर्देशन सूरज आर. बड़जात्या ने किया था. फिल्म में सलमान खान और माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में थे. इनके अलावा मोहनीश बहल, रेणुका शहाणे, अनुपम खेर, आलोक नाथ और रीमा लागू जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म 5 अगस्त 1994 को रिलीज हुई थी. यह राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म थी. इसकी कहानी परिवार, रिश्तों और शादी की परंपराओं के इर्द-गिर्द घूमती है.
फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला. बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन करीब 72.46 करोड़ रुपये था. भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 116.93 करोड़ रुपये रहा. फिल्म की वर्ल्डवाइड कमाई करीब 127.95 करोड़ रुपये दर्ज की गई. इसे ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर' का दर्जा मिला.
14 गानों ने बढ़ाई फिल्म की खूबसूरती
‘हम आपके हैं कौन' की एक बड़ी खासियत इसका म्यूजिक था. फिल्म में कुल 14 गाने थे. उस दौर के लिए इतने ज्यादा गाने होना काफी खास बात थी. इंडिया टुडे ने भी फिल्म को 14 गानों वाली बड़ी म्यूजिकल हिट के तौर पर दर्ज किया था. फिल्म के लगभग सभी गाने लोकप्रिय हुए. ‘दीदी तेरा देवर दीवाना', ‘जूते दो पैसे लो', ‘वाह वाह रामजी', ‘माई नी माई' और ‘लो चली मैं' आज भी शादी-ब्याह में सुनाई देते हैं.
‘लो चली मैं' की खासियत यह है कि इसमें शादी की खुशी के साथ पारिवारिक रिश्तों की गर्माहट भी दिखाई देती है. भाभी का अपने देवर के लिए प्यार और जिम्मेदारी गाने को अलग पहचान देता है. यही वजह है कि 31 साल बाद भी जब शादी का मौसम आता है, तो यह गाना कहीं न कहीं जरूर सुनाई देता है. यह सिर्फ एक फिल्मी गीत नहीं रहा. यह भारतीय शादियों की मस्ती और पारिवारिक रिश्तों की याद बन चुका है.
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