साल 1932 में जब भारतीय सिनेमा में बोलती फिल्मों का दौर अभी शुरू ही हुआ था, तब एक ऐसी फिल्म आई जिसने गानों की संख्या के मामले में इतिहास रच दिया. नाम था 'इंद्रसभा' (Indrasabha). यह फिल्म करीब 3 घंटे 31 मिनट लंबी थी और इसमें 72 गाने होने का रिकॉर्ड दर्ज है. कुछ स्रोतों में गानों की संख्या 69 या 71 भी बताई गई है, लेकिन गिनीज से जुड़े रिकॉर्ड में 72 का आंकड़ा मिलता है. फिल्म का निर्माण मदन थिएटर्स ने किया था और इसमें मास्टर निसार, जहांआरा कज्जन, मुख्तार बेगम और अब्दुल रहमान काबुली जैसे कलाकार नजर आए.
‘इंद्रसभा' में आखिर इतने गाने क्यों थे?
‘इंद्रसभा' कोई सामान्य फिल्म नहीं थी. यह सैयद आगा हसन अमानत के मशहूर उर्दू नाटक ‘इंदर सभा' पर आधारित थी. मूल नाटक की खासियत ही उसका संगीत और काव्य था. फिल्म ने उसी परंपरा को पर्दे पर उतारा. इसमें गाने सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं थे, बल्कि कहानी और किरदारों को आगे बढ़ाने का भी काम करते थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें 31 गजलें, 9 ठुमरियां, 4 होली के गीत, 15 गीत, 2 चौबोले और 5 छंद जैसे अलग-अलग संगीत रूप शामिल थे. यानी फिल्म का बड़ा हिस्सा संगीत से ही बुना गया था. यही वजह है कि करीब साढ़े तीन घंटे की फिल्म में इतने ज्यादा गीत समा पाए.
मास्टर निसार और जहांआरा कज्जन थे फिल्म के बड़े नाम
फिल्म की स्टारकास्ट में मास्टर निसार, जहांआरा कज्जन, मुख्तार बेगम और अब्दुल रहमान काबुली प्रमुख नाम थे. IMDb के रिकॉर्ड में जेहानारा कज्जन, निसार और ए.आर. काबुली के साथ मुख्तार बेगम का नाम भी दर्ज है. संगीत की जिम्मेदारी नागरदास नायक के पास थी. जहांआरा कज्जन उस दौर की मशहूर अभिनेत्री होने के साथ-साथ गायिका भी थीं. उन्हें उनकी आवाज के लिए खास पहचान मिली थी. शुरुआती भारतीय सिनेमा में कलाकारों का खुद अभिनय करना और गाना गाना आम बात थी, इसलिए ‘इंद्रसभा' जैसे संगीत प्रधान प्रोजेक्ट में उनकी भूमिका बेहद अहम रही.
72 गानों का रिकॉर्ड आज भी कायम
‘इंद्रसभा' का सबसे बड़ा ट्रिविया यही है कि इसके नाम एक फिल्म में सबसे ज्यादा गानों का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है. गिनीज बुक से जुड़े रिकॉर्ड में 1980 में 72 गानों का आंकड़ा मान्यता पाने की बात सामने आती है. फिल्म की लंबाई भी कम हैरान करने वाली नहीं थी. इसका रनटाइम 211 मिनट, यानी करीब 3 घंटे 31 मिनट था. आज जहां फिल्मों में 5-6 गाने भी ज्यादा माने जाते हैं, वहीं ‘इंद्रसभा' में दर्जनों गाने थे. यही वजह है कि करीब एक सदी बाद भी यह फिल्म भारतीय सिनेमा के सबसे अनोखे म्यूजिकल रिकॉर्ड्स में गिनी जाती है.
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