कई बार किस्मत का सबसे बड़ा मौका बिना किसी तैयारी के सामने आ जाता है. कुछ ऐसा ही हुआ था श्रेया घोषाल के साथ. उस वक्त उनकी उम्र महज 16 साल थी और वह अभी म्यूजिक की दुनिया में अपनी पहचान बना ही रही थीं. किसी ने नहीं सोचा था कि एक नई सिंगर की रिहर्सल रिकॉर्डिंग ही सीधे फिल्म का फाइनल गाना बन जाएगी. यही नहीं, उसी गाने ने उन्हें रातोंरात पूरे देश में पहचान दिला दी. आज भी जब वह रोमांटिक गाना बजता है, तो लोग उसकी मिठास में खो जाते हैं. दिलचस्प बात यह है कि जिस रिकॉर्डिंग को सिर्फ रिहर्सल माना गया था, वही आगे चलकर हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार गानों में शामिल हो गई.
रियलिटी शो से खुला बॉलीवुड का दरवाजा
श्रेया घोषाल बचपन से ही संगीत सीख रही थीं. उन्होंने एक सिंगिंग रियलिटी शो में हिस्सा लिया था, जहां उनकी आवाज ने फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली का ध्यान खींचा. बताया जाता है कि भंसाली ने अपनी मां के साथ उन्हें गाते हुए सुना और तभी तय कर लिया कि अपनी अगली फिल्म में उन्हें मौका देंगे. 'देवदास' के लिए श्रेया को 'बैरी पिया' गाना रिकॉर्ड करने बुलाया गया. स्टूडियो में उन्होंने पहले रिहर्सल की, लेकिन उनकी आवाज इतनी पसंद आई कि उसी रिकॉर्डिंग को फिल्म में रख लिया गया. दोबारा रिकॉर्डिंग की जरूरत ही नहीं पड़ी. यही वजह है कि यह किस्सा आज भी बॉलीवुड के सबसे दिलचस्प रिकॉर्डिंग किस्सों में गिना जाता है.
पहले ही गाने से जीत लिया नेशनल अवॉर्ड
'बैरी पिया' सिर्फ सुपरहिट ही नहीं हुआ, बल्कि इसी गाने के लिए श्रेया घोषाल को पहला नेशनल अवॉर्ड भी मिला. पहली ही फिल्म में उनकी आवाज ने ऐसा जादू चलाया कि वह देखते ही देखते बॉलीवुड की सबसे भरोसेमंद प्लेबैक सिंगर्स में शामिल हो गईं. 'देवदास' में श्रेया घोषाल ने सिर्फ 'बैरी पिया' ही नहीं, बल्कि ऐश्वर्या राय के लिए कुल पांच गाने गाए थे. उनकी आवाज और ऐश्वर्या की स्क्रीन प्रेजेंस की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. यही फिल्म श्रेया के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुई और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.
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