संजय दत्त उन कुछ एक्टर्स में से एक हैं जो अपने बेहतरीन काम के साथ-साथ अपनी पसंद और विवादों के लिए भी जाने जाते हैं. 'लगे रहो मुन्ना भाई' स्टार हाल ही में शेखर सुमन के टॉक शो 'शेखर टूनाइट' में नजर आए और उन्होंने जेल में बिताए समय और अपनी जिंदगी के उतार-चढ़ाव के बारे में बात की. अपने पिता सुनील दत्त के सामने हथकड़ी लगने के बारे में बात करते हुए संजय दत्त ने बताया, जब पहली बार पुलिस आई और मुझे हथकड़ी लगाई, तो मेरे पिता सदमे में आ गए. उनकी आंखों में आंसू थे और उन्होंने कहा, 'तुम मेरे बेटे के साथ क्या कर रहे हो?' एक्टर ने अपने पिता को कसकर गले लगाया और उनसे कहा कि वे हथकड़ी को लेकर परेशान न हों. उन्होंने सुनील दत्त को दिलासा देते हुए कहा, ऐसे मत होइए. यह बस एक प्रक्रिया है. प्लीज परेशान न हों. उन्होंने अपने परिवार के सामने मजबूत दिखने की कोशिश की. उन्होंने आगे कहा, असल में यह मुझे अंदर ही अंदर मार रहा था, लेकिन मुझे उनके लिए मजबूत रहना था. मैं मुश्किल दौर से गुजरा. यह 24 साल तक चला.
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संजय दत्त ने माना कि उन्होंने सुख-सुविधाओं वाली जिंदगी जी है, लेकिन जेल में रहने के दौरान उन्होंने कभी भी खुद को दूसरे कैदियों से ऊपर नहीं समझा. उन्होंने कहा, आप जानते हैं इतने सालों में मैं कभी भी अपने स्टारडम को लेकर घमंडी नहीं रहा. उन्होंने आगे कहा कि वे हमेशा अपने सामने वाले व्यक्ति का सम्मान करते हैं, चाहे उनका बैकग्राउंड कुछ भी हो. उन्होंने अपने जमीन से जुड़े स्वभाव का श्रेय अपनी स्कूली शिक्षा और परवरिश को दिया. उन्होंने जोर देकर कहा, कई बार हम सेट पर जमीन पर बैठकर खाना खाते थे. मैंने कई बार सेट पर वर्करों के साथ बैठकर खाना खाया है. मुझे इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता. संजय को 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों से जुड़े हथियारों को गैर-कानूनी तरीके से रखने के लिए आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था. उन्हें पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. इस समय के बारे में बात करते हुए शेखर सुमन ने कहा, संजय दत्त को 'अंडा सेल' में रखा गया था, फिर भी उन्होंने अपना मानसिक संतुलन बनाए रखा. उन्होंने अभिनेता से पूछा कि क्या कभी ऐसा समय आया जब उन्हें आत्महत्या के विचार आए.'अग्निपथ' स्टार ने कहा, "कभी नहीं."
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इसके बाद उनसे उस पल के बारे में पूछा गया, जब उन्हें जेल में सबसे कमजोर महसूस हुआ था. संजय दत्त ने जवाब दिया, "मुझे पता था कि मेरे पिता और परिवार को मेरी वजह से बहुत कुछ झेलना पड़ा, लेकिन मैंने कभी कमजोरी महसूस नहीं की." दर्शकों के सामने अभिनेता के संघर्षों को रखते हुए होस्ट ने कहा, उन्होंने अपनी मां को खो दिया. उन्होंने अपने पिता को खो दिया. उन्होंने अपनी पहली पत्नी को खो दिया. वे रिहैबिलिटेशन सेंटर गए. उन्होंने स्टेज-4 कैंसर को मात दी. वे कई बार जेल गए. लेकिन फिर भी वे मजबूती से खड़े हैं.
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