राजपाल यादव बीते दिनों चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद थे. बाद में कोर्ट से उन्हें जमानत मिली. कर्ज ना चुका पाने के चलते तिहाड़ जेल में बंद राजपाल को कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी थी. अपनी 2012 की फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़े 9 करोड़ रुपये के लंबे समय से चल रहे कर्ज के मामले में वह जेल गए थे. इस बीच राजपाल को कर्ज देने वाले उद्योगपति ने मीडिया के सामने रोते हुए कहा कि वह भी लाचार थे, उनकी मंशा राजपाल को जेल भेजने की नहीं थी. इधर राजपाल के वकील पहले भी कर्ज देने वाले की मंशा पर सवाल उठा चुके हैं और अब एक बार फिर उन्होंने खुलकर कहा है कि ये राजपाल के खिलाफ एक षड़यंत्र रचा गया है.
‘राजपाल को फंसाने की मंशा'
राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं इस बात का खंडन करने आया हूं कि वो झूठ फैला रहा है उसकी मंशा पैसे लेने की नहीं थी बल्कि जेल भेजवाने की थी. ये आरोप राजपाल के वकील ने उद्योगपति माधव गोपाल अग्रवाल पर लगाया है, जिन्होंने राजपाल को 5 करोड़ का लोन दिया था.
राजपाल यादव के साथ हुआ षड्यंत्र, वकील ने चेक बाउंस केस की खोली पोल, कहा- कौन लेता है 60 परसेंट ब्याज #RajpalYadav pic.twitter.com/6YWYOAAg5I
— NDTV India (@ndtvindia) February 28, 2026
60 प्रतिशत का लिया ब्याज
भास्कर ने कहा कि अग्रवाल अपने इंटरव्यू में बोल रहे हैं कि हम उन्हें कभी जेल पहुंचाना नहीं चाहते थे. यह सब उनका झूठ है. उनकी मंशा राजपाल यादव को जेल भेजने की ही थी. उन्होंने एक्टर के खिलाफ षड़यंत्र रचा है. भास्कर ने आगे कहा कि उन्होंने 5 करोड़ का लोन दिया और उसके बदले 8 करोड़ रुपए लिए. यानी 60 प्रतिशत का ब्याज. बताइए कहां इतना ब्याज लगता है. अग्रवाल रो-रो कर कह रहे हैं कि उनका भी लोन चलता है. वो बताएं कि किस बैंक में वह 60 प्रतिशत का ब्याज भर रहे हैं. वकील ने कहा कि यह पैसे के लेन-देन का मामला है ही नहीं ये तो बस राजपाल यादव के खिलाफ षड़यंत्र है.
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