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बंगाली सिनेमा के निर्देशक राजा सेन का 70 साल की उम्र में निधन, तीन बार मिला था राष्ट्रीय पुरस्कार

तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बंगाली फिल्म निर्देशक राजा सेन का 70 साल की उम्र में कोलकाता में निधन हो गया. वे लंबे समय से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे.

बंगाली सिनेमा के निर्देशक राजा सेन का 70 साल की उम्र में निधन, तीन बार मिला था राष्ट्रीय पुरस्कार
Raja Sen Passed Away
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Bengali Filmaker Raja sen dies: तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जितने वाले बंगाली सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्देशक राजा सेन का रविवार को उनके जन्मभूमि कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 70 साल के थे. वे काफी समय से बीमार चल रहे थे. उन्हें तीन दिन पहले ही कोलकत्ता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह करीब 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.

हार्ट अटैक से हुआ निधन

फिल्म निर्देशक राजा सेन के निधन की खबर उनकी पत्नी पापिया सेन ने दी. उन्होंने मीडिया में बताया कि राजा सेन काफी समय से दिल की बीमारी से जिंदगी की जंग लड़ रहे थे. तीन दिन पहले उन्हें हार्ट अटैक आया था. जिसपर उन्हें तुरंत एसकेएम लाया गया था, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था. जिसके कारण उनके कई अंगों ने काम करना बंद करना शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

रविवार को हार गए जिंदगी की जंग

जानकारी के मुताबिक, राजा सेन को शुरुआत में पीठ में चोट लगने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.  इलाज के दौरान उनकी स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई। .अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें फेफड़ों से जुड़ी समस्या हुई. इसके बाद उनके दिल में भी परेशानी बढ़ी और बाद में किडनी से जुड़ी दिक्कतें भी सामने आईं. हालत लगातार गंभीर होती गई और रविवार को सुबह 10 बजे उनका निधन हो गया. 

बंगाली फिल्म निर्देशकर राजा सेन का जन्म 10 नवंबर को 1955 को पश्चिम बंगाल के कोलकत्ता में हुआ था. उनके परिवार में उनकी वाइफ पापिया सेन और उनकी दो बेटियां सुभाशिरी सेन और श्रेयसी सेन है. 

साल 1997 से शुरू किया था  करियर

 निर्देशक ने अपने करियर की शुरुआत बंगाली टेलीविजन से की, जिसके बाद उन्होंने फीचर फिल्मों का रुख किया और निर्देशन के क्षेत्र में अपनी खास जगह बनाई. राजा सेन को सबसे पहले टेली-सीरियल 'सुवर्णलता' (1997) से पहचान मिली. इसके बाद उन्होंने 'आदर्श हिंदू होटल', 'आरोग्य निकेतन' और 'देश आमार देश' के कुछ एपिसोड जैसे बेहतरीन बंगाली टेलीविजन शो बनाए.

'दामू के लिए मिल चुका था राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

इसके बाद उन्होंने कई फिचर फिल्में भी बनाई. उनकी पहली फीचर फिल्म 1996 में 'दामू' रिलीज हुई. जिसे उन्होंने  रघुवीर यादव, सत्य बनर्जी और सब्यसाची चक्रवर्ती जैसे कलाकारों  के साथ काम किया. इस फिल्म को काफी सहराहना मिली थी. इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाया.

इसके बाद राजा सेन ने 'आत्मियो स्वजन' का निर्देशन किया. इस फिल्म को परिवार कल्याण पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। सामाजिक और पारिवारिक विषयों को संवेदनशील तरीके से पर्दे पर पेश करने के लिए राजा सेन को खास पहचान मिली.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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