अमेजन प्राइम वीडियो की एक वेब सीरीज देखकर शायद आप भी दर्द और आंसुओं में डूब गए होंगे. दिल छलनी कर देने वाली इस वेब सीरीज को देखकर शायद आपको भी उन बच्चों के लिए दिल में दर्द जरूर हुआ होगा जो इस भयानक घटना का शिकार हुए थे. 1978 की दिल दहलाने वाली घटना पर बनी इस वेबसीरीज का नाम है राख. इसमें दो बच्चों की कहानी है जिन्हें एक भयानक मौत मिली. इसकी खखबर से पूरा देश हिल गया. कहानी जितनी डरावनी है उतनी ही इमोशनल भी है क्योंकि ये उन दो बच्चों से जुड़ी है जिनकी उम्र अभी 18 भी पार नहीं हुई थी. आवाज रेडियो पर सुनाई देने वाली थी. लेकिन उससे पहले ही इन्हें खामोश कर दिया गया.
असल जिंदगी के गीता और संजय की कहानी
'राख' की कहानी 1978 के चर्चित रंगा-बिल्ला केस से इंस्पायर है. सीरीज में बच्चों के नाम सुमन और साहिल रखे गए हैं. लेकिन ये घटना रियल लाइफ में गीता चोपड़ा और उनके छोटे भाई संजय चोपड़ा से जुड़ी है. गीता 16 साल की थी और संजय 13 साल का दोनों इंडियन नेवी ऑफिस कैप्टन मदन मोहन चोपड़ा के बच्चे थे और दिल्ली के धौला कुआं इलाके में रहते थे.
26 अगस्त 1978 की शाम गीता को ऑल इंडिया रेडियो के पॉपुलर कार्यक्रम 'युवा वाणी' में हिस्सा लेने जाना था. रास्ते में दोनों रहस्यमय तरीके से लापता हो गए. बाद में पता चला कि उन्हें किडनैप कर लिया गया था. कुछ दिनों बाद दोनों की बॉडी मिलने से पूरे देश में सनसनी फैल गई. वेब सीरीज में इन दो बच्चों का किरदार दिव्या शर्मा और विवान शर्मा ने निभाया है . इनकी एक्टिंग दर्शकों को इमोशनल कर रही है.
कैसे दो अपराधी बने पूरे देश के लिए डर का दूसरा नाम?
सीरीज में अली फजल सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश (जेपी) के किरदार में हैं. कहानी दिखाती है कि किस तरह पुलिस की टीम लगातार सुराग जुटाकर क्रिमिनल्स तक पहुंचती है. शो में बाबू और राज्जो नाम के दो खतरनाक अपराधियों का किरदार दिखाया गया है, जो उस दौर के चर्चित रंगा और बिल्ला से इंस्पायर है. 'राख' में सिर्फ अपराध नहीं दिखाया गया. बल्कि क्रिमिनल्स की मैंटेलिटी, पुलिस जांच और पीड़ित परिवार के दर्द को भी सामने लाया गया है. यही वजह है कि ये सीरीज दर्शकों को शुरुआत से आखिरी तक बांधे रखती है.
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