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ऑस्कर नॉमिनेशंस का ऐलान, भारत की 'होमबाउंड' नहीं बना सकी जगह

फिल्म निर्माता और निर्देशक नीरज घायवान की हिंदी फिल्म ‘होमबाउंड’ को ऑस्कर 2026 में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए नामांकन नहीं मिल पाया.

ऑस्कर नॉमिनेशंस का ऐलान, भारत की 'होमबाउंड' नहीं बना सकी जगह
ऑस्कर की रेस से बाहर हुई होमबाउंड

फिल्म निर्माता और निर्देशक नीरज घायवान की हिंदी फिल्म ‘होमबाउंड' को ऑस्कर 2026 में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए नामांकन नहीं मिल पाया. बृहस्पतिवार को लॉस एंजिल्स में आयोजित कार्यक्रम में 98वें ऑस्कर पुरस्कारों के लिए नामांकन की घोषणा की गई. इस श्रेणी में पहले चुनी गई 15 फिल्मों की सूची में ‘होमबाउंड' शामिल थी, लेकिन यह फिल्म अंतिम पांच फिल्मों में जगह नहीं बना सकी और इसी के साथ ऑस्कर की दौड़ से बाहर हो गई.

‘होमबाउंड' को पिछले साल मई 2025 में कान फिल्म महोत्सव में दिखाया गया था, जहां इसे दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी. फिल्म को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा रही, जिसके चलते इसके ऑस्कर तक पहुंचने की उम्मीदें जताई जा रही थीं. हालांकि, अंतिम सूची में नाम न आ पाने से भारतीय सिनेमा को इस बार निराशा हाथ लगी है.

यह फिल्म करण जौहर और अदार पूनावाला द्वारा निर्मित है और इसकी कहानी सामाजिक मुद्दों पर आधारित है. फिल्म में ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जान्हवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं. ‘होमबाउंड' की कहानी पत्रकार बशारत पीर के न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित लेख ‘टेकिंग अमृत होम' से प्रेरित बताई जाती है.

फिल्म की कहानी एक मुस्लिम युवक और एक दलित युवक की बचपन की दोस्ती के इर्द-गिर्द घूमती है. दोनों अपने-अपने उपनामों के कारण समाज में सम्मान और पहचान पाने के लिए संघर्ष करते हैं. इसी तलाश में वे पुलिस बल में शामिल होने का सपना देखते हैं. फिल्म दोस्ती, पहचान, भेदभाव और सामाजिक दबाव जैसे विषयों को सरल और संवेदनशील ढंग से दिखाती है. भले ही ‘होमबाउंड' ऑस्कर तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन इसकी कहानी और प्रस्तुति को एक अहम सिनेमाई प्रयास माना जा रहा है.

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