नवरात्रि प्रार्थना, भक्ति और उत्सव का समय है, जब भक्त मां दुर्गा की पूजा और भक्ति करते हैं. पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ, भक्ति गीत और भजन भी उत्सव में अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे घरों, मंदिरों और सामुदायिक पंडालों में आध्यात्मिक माहौल बन जाता है. नरेंद्र चंचल की दमदार आवाज से लेकर सदाबहार बॉलीवुड भक्ति गीतों और पारंपरिक संस्कृत मंत्रों तक, देवी को समर्पित संगीत पीढ़ियों से नवरात्रि उत्सव का एक अहम हिस्सा रहा है. चाहे वह 'चलो बुलावा आया है' की जानी-पहचानी पुकार हो, 'अम्बे तू है जगदम्बे काली' की भक्ति-भावना हो या 'अयगिरि नंदिनी' के जोश भरे बोल हों, ये गाने भक्तों को त्योहार की भावना से जोड़ते हैं. आज नवरात्रि 2026 का पहला दिन है, इस खास मौके पर हम मां दुर्गा के कुछ लोकप्रिय गाने, बॉलीवुड भजन और पारंपरिक आरतियां बता रहे हैंस जिन्हें आप अपनी फेस्टिवल प्लेलिस्ट में शामिल कर सकते हैं...
चलो बुलावा आया है
माता की पूजा से जुड़े मशहूर भक्ति गीतों में से एक'चलो बुलावा आया है', दशकों से भक्तों का पसंदीदा रहा है. यह गाना गायक नरेंद्र चंचल ने गाया है, जिनकी दमदार और भावपूर्ण आवाज ने माता के भजनों को भक्ति-सभाओं का एक जाना-पहचाना हिस्सा बना दिया. इसके बोल देवी के दर्शन के लिए दैवीय निमंत्रण मिलने का एहसास कराते हैं, जिससे यह जागरण, मंदिर की सभाओं और त्योहार की प्रार्थनाओं के दौरान बहुत लोकप्रिय हो जाता है. कई भक्तों के लिए यह गाना भक्त और मां दुर्गा के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है.
'हे नाम रे, सबसे बड़ा तेरा नाम, ओ शेरोंवाली'
हमेशा लोकप्रिय रहने वाला भक्ति गीत 'हे नाम रे, सबसे बड़ा तेरा नाम, ओ शेरोंवाली' नवरात्रि उत्सव के दौरान खूब सुना जाता है. हिंदी फिल्म 'सुहाग' (1979) का यह गाना अमिताभ बच्चन और रेखा पर फिल्माया गया है और इसमें देवी की शक्ति और महिमा का गुणगान किया गया है. इसकी जोशीली धुन और यादगार मुखड़ा त्योहारों पर खूब बजाया जाता है. यह गाना उन लोगों को बहुत पसंद आता है जो नवरात्रि के दौरान क्लासिक हिंदी फिल्मी संगीत सुनना पसंद करते हैं.
मन तेरा मंदिर
'मन तेरा मंदिर, आंखें दिया-बाती' 1978 की फिल्म 'भक्ति में शक्ति' का एक भक्ति गीत है. महेंद्र कपूर और दिलराज कौर द्वारा गाए गए इस गाने में ईश्वर के प्रति श्रद्धा और समर्पण दिखाने के लिए मंदिर और जलते हुए दीपक की कल्पना की गई है. यह गाना क्लासिक हिंदी फिल्मी भजनों की सदाबहार लोकप्रियता को भी दर्शाता है, जिनमें अक्सर आसान धुनों के साथ गहरे आध्यात्मिक विषयों का मेल होता था.
मां तेरे दरबार
देवी के दरबार की महिमा का गुणगान करने वाले भक्ति गीत माता के भजनों की परंपरा में एक खास जगह रखते हैं. 'मां तेरे दरबार' गाना भक्तों द्वारा देवी का आशीर्वाद, सुकून और सुरक्षा पाने की भावना से जुड़ा है.
मैं बालक तू माता
'मैं बालक तू माता' का भक्तिपूर्ण भाव एक भक्त और देवी के बीच के उस रिश्ते को दिखाता है, जिसमें बच्चा मां की ममता और देखभाल चाहता है. इसमें भरोसा, समर्पण और बिना शर्त प्यार का संदेश है, जो इसे नवरात्रि की प्रार्थनाओं के लिए बहुत खास है. यह गाना कई सालों से अलग-अलग भक्तिपूर्ण रूपों में गाया जाता रहा है. सुनने वाले अपनी पसंद के हिसाब से इसका पारंपरिक वर्शन या आज के समय की रिकॉर्डिंग चुन सकते हैं.
मैया तेरी जय-जयकार
मां दुर्गा की जीत और महिमा का गुणगान करने वाले गाने नवरात्रि की खास पहचान हैं. 'मैया तेरी जय-जयकार' अपनी भक्तिपूर्ण स्तुति और उत्सव के माहौल के जरिए इसी भावना को दिखाता है. यह माता की चौकी, जागरण और सामूहिक उत्सवों के लिए बनाई गई प्लेलिस्ट में आसानी से फिट हो जाता है.
अंबे तू है जगदंबे काली
दुर्गा पूजा से जुड़े पारंपरिक भक्तिपूर्ण गानों में 'अंबे तू है जगदंबे काली' बहुत खास है. नवरात्रि और देवी को समर्पित दूसरे मौकों पर गाई जाने वाली यह आरती मां दुर्गा के कई रूपों की स्तुति करती है और उनकी दिव्य शक्ति का गुणगान करती है. इसके बोल इसे शाम की प्रार्थना के लिए एक स्वाभाविक पसंद बनाते हैं, खासकर तब जब परिवार मिलकर आरती करते हैं. गाने की भक्तिपूर्ण सादगी और आध्यात्मिक महत्व ने इसे पीढ़ियों से लोकप्रिय बनाए रखा है. कई घरों में इस आरती को गाना या सुनना नौ दिनों के त्योहार की सबसे प्यारी रस्मों में से एक है.
जय अंबे गौरी
'जय अंबे गौरी' मां दुर्गा को समर्पित सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक आरतियों में से एक है. इसके बोल देवी की सुंदरता, शक्ति और दिव्य गुणों की स्तुति करते हैं, जिससे भक्तों को आभार व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद पाने का मौका मिलता है. यह आरती नवरात्रि के दौरान पूजा से गहराई से जुड़ी है और इसे घरों, मंदिरों और सामूहिक उत्सवों में सुना जा सकता है. 'जय अम्बे गौरी' त्योहार की संगीत परंपराओं का एक सदाबहार हिस्सा बना हुआ है.
ऐगिरि नंदिनी
एक जबरदस्त और मन को सुकून देने वाले भक्तिपूर्ण अनुभव के लिए 'ऐगिरि नंदिनी' को मां दुर्गा की प्लेलिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए. संस्कृत का यह मशहूर भजन, जिसे 'महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम' भी कहा जाता है, देवी की शक्ति और राक्षस महिषासुर पर उनकी जीत का गुणगान करता है. इसके लयबद्ध छंद, प्रभावशाली गायन और जोश भरने वाले संगीत ने शास्त्रीय गायकों, भक्ति संगीत के गायकों और आज के संगीतकारों को इसके कई वर्शन बनाने के लिए प्रेरित किया है. यह भजन उन पलों के लिए बहुत खास है, जब भक्त देवी के साहस, रक्षा करने की शक्ति और बुराई पर उनकी जीत के बारे में सोचना चाहते हैं. नवरात्रि के दौरान, इसे जोश के साथ गाने से उत्सव का माहौल और भी ज्यादा भक्तिपूर्ण और प्रभावशाली हो जाता है.
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