हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी सुरों के बादशाह मोहम्मद रफी का नाम लिया जाता है, तो एक ऐसी जादुई आवाज का अहसास होता है जिसने पीढ़ियों को अपना दीवाना बनाया है. लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि अपनी सुरीली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले रफी साहब ने कुछ फिल्मों में बतौर अभिनेता परदे पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी. उनके शुरुआती फिल्मी सफर में दो फिल्मों,'जुगनू' (1947) और 'लैला मजनू' (1945) का विशेष महत्व है, जहां वे गाते हुए नजर आए थे.
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मोहम्मद रफी की एक्टिंग
बात साल 1947 में आई सुपरहिट फिल्म 'जुगनू' की करें, तो इसके निर्देशक शौकत हुसैन रिजवी थे और संगीतकार फिरोज निजामी थे. इस फिल्म में युवा दिलीप कुमार और नूरजहां की जोड़ी मुख्य भूमिका में थी. फिल्म का एक बेहद लोकप्रिय गाना है 'वो अपनी याद दिलाने को...'. निर्देशक ने इस गाने के लिए एक शानदार हॉस्टल का दृश्य फिल्माया था, जिसमें छात्र कमरों में बैठकर एक हसीन लड़की की कल्पना करते नजर आते हैं. कॉलेज के उस माहौल वाले दृश्य में कई गायक मिलकर गाते हैं, और इस गाने में खुद अभिनेता दिलीप कुमार भी नजर आते हैं. इसी बीच स्क्रीन पर मोहम्मद रफी भी एक लाइन गाते हुए दिखाई देते हैं.

मोहम्मद रफी का लुक
इससे भी दिलचस्प वाकया साल 1945 में रिलीज हुई फिल्म 'लैला मजनू' का है, जिसके निर्देशक नजीर थे और इसके संगीतकार रफीक गजनवी थे. इस फिल्म में मुख्य भूमिका खुद नजीर ने ही निभाई थी, जिनका साथ स्वर्णलता और गोप ने दिया था. इस फिल्म का गाना 'तेरा जलवा जिसने देखा' काफी प्रसिद्ध हुआ था. इसके एक दृश्य में गायकों का पूरा समूह मंच पर बैठकर गा रहा है, और इसी ग्रुप के बीच दाढ़ी के लुक में मोहम्मद रफी साफ नजर आते हैं. यह परदे पर उनकी शुरुआती नुमाइश थी, जिसमें वे एक सिंगिंग रोल में थे और उस वक्त उनकी उम्र महज 23 या 24 साल के आसपास थी.
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