Meena Kumari Pakeezah dance video: तेज बीट पर झूमते हुए डांस करना ज्यादा मुश्किल नहीं होता. बस आपको डांस का शौक होना चाहिए, बीट्स पर लचक के साथ ठुमके लगाना आना चाहिए. लेकिन जब बात क्लासिकल डांस की होती है. तब काम इतना आसान नहीं होता. चेहरे के एक्सप्रेशन, हाथ, पैर और कमर की लचक सब कुछ मायने रखता है. शायद यही कमी रह गई अनन्या पांडे के डांस में जिसकी वजह से वो सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल हो रही हैं. इस बीच वायरल हो रहा मीना कुमारी की पाकिजा का डांस. इस फिल्म में चंद स्टेप्स करने के लिए ही उन्होंने कथक सम्राट लच्छू महाराज से ट्रेनिंग ली थी.
पाकीजा में मीना कुमारी ने सिर्फ हाथों की अदाओं से रचा जादू
‘पाकीजा' भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत फिल्मों में गिनी जाती है. इस फिल्म में मीना कुमारी ने पारंपरिक डांस नहीं किया था. उनकी तबीयत उस दौर में काफी खराब रहती थी और लंबे डांस सीक्वेंस करना उनके लिए आसान नहीं था. लेकिन निर्देशक चाहते थे कि पर्दे पर उनकी अदाएं और नजाकत वैसी ही दिखे जैसी एक मशहूर तवायफ की होनी चाहिए. यही वजह थी कि मीना कुमारी ने सिर्फ हाथों की मूवमेंट, उंगलियों की लचक और चेहरे के भाव सीखने के लिए लच्छू महाराज से कई महीनों तक ट्रेनिंग ली. कहा जाता है कि उन्होंने हर मुद्रा को बेहद बारीकी से समझा ताकि बिना ज्यादा मूवमेंट के भी दृश्य असरदार लगे. शायद इसलिए आज भी पाकिजा मूवी का उनका किरदार हमेशा के लिए अमर भी हो गया.
In Pakeezah, Meena Kumari did not really dance but just moved her hands. For that she took months of training from Birju Maharaj.https://t.co/FwrKIgZKEw
— sourabh mookherjee (@WorkSourabh) May 25, 2026
सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में आई ‘पाकीजा'
अब जब अनन्या पांडे के भरतनाट्यम सीन पर बहस छिड़ी हुई है. तब लोग मीना कुमारी का ये वीडियो शेयर कर रहे हैं. सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि असली कला सिर्फ बड़े स्टेप्स में नहीं. बल्कि भाव और अभिव्यक्ति में छिपी होती है. कई लोग ये भी लिख रहे हैं कि मीना कुमारी ने बिना पूरा डांस किए भी स्क्रीन पर ऐसा असर छोड़ा. जिसे आज तक भुलाया नहीं जा सका. जब वीडियो और फिल्म इतनी नायाब होगी तो जाहिर है कि उसका आज के डांस सीन से कंपेरिजन होगा ही.
पाकीजा बजट और कलेक्शन
मीना कुमारी की पाकीजा 1972 में रिलीज हुई थी. ये रोमांटिक ड्रामा थी, जिसके राइटर-डायरेक्टर-प्रोड्यूसर कमाल अमरोही थे. फिल्म में अशोक कुमार और राज कुमाल लीड रोल में नजर आए. फिल्म की कहानी लखनऊ की मशहूर तवायफ साहिबजान की थी. फिल्म ने डेढ़ करोड़ के बजट में छह करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था.
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