Manny: भारतीय Sci-fi फिल्म जिसने मियामी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जीते 4 बड़े अवार्ड्स

फिल्म 'मैनी' (Manny) पहली ऐसी भारतीय साइंस फिक्शन फिल्म बनी, जिसने मियानी फिल्म फेस्टिवल के दौरान करीब चार बड़े अवॉर्ड्स हासिल किये.

Manny: भारतीय Sci-fi फिल्म जिसने मियामी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जीते 4 बड़े अवार्ड्स

'मैनी' (Manny) ने जीते चार बड़े अवॉर्ड

नई दिल्‍ली:

फिल्म 'मैनी' (Manny) पहली ऐसी भारतीय साइंस फिक्शन फिल्म बनी, जिसने मियानी फिल्म फेस्टिवल के दौरान करीब चार बड़े अवॉर्ड्स हासिल किये. इस फिल्म को डेस पक ने डायरेक्ट किया है, साथ ही सोनल सहगल ने फिल्म को प्रोड्यूस किया है. वहीं, डायरेक्टर ट्रॉय के मुताबिक इस फिल्म ने सबसे ज्यादा अवॉर्ड हासिल करने के साथ ही सबसे ज्यादा नॉमिनेट भी हुई है. बताया जा रहा है कि अलग-अलग देशों की 120 फिल्मों के बीच इस फिल्म को चुना गया था. 

फिल्म मैनी (Manny) को सर्वश्रेष्ठ Sci-fi पिक्चर रनर अप का अवार्ड मिला. इसके अलावा फिल्म को सर्वश्रेष्ठ छायाचित्रण का पुरस्कार भी मिला. साथ ही बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर का अवार्ड नरेश कामथ और बेस्ट सहनायक का अवार्ड एक्टर टोनी हॉकिंन्स जीता.

बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर के लिए इंटरनेशनल अवार्ड जीतने वाले कंपोजर और सिंगर नरेश कामथ इस जीत के लिए बहुत खुश हैं. उन्होंने फिल्म के दो ओरिजनल साउंड ट्रैक कंपोज भी किये हैं. इसके साथ ही उन्हें गाया भी है. इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, 'इस महामारी ने हमें काम को एक नए ढंग से करने की सीख दी. इस पूरी यात्रा में मैं और डायरेक्टर डेविड, ऑनलाइन ही बात कर पाते थे. मैंने इसके पहले भी फिल्मों में बैकग्राउंड स्कोर दिया था पर ऐसा पहली बार हुआ हैं जब स्टूडियो में बिना डायरेक्टर की मौजूदगी से इतना बड़ा काम हुआ और जो काम भी कर गया.'


फिल्म मैनी (Manny) के बारे में बात करते हुए प्रोड्यूसर सोनल ने कहा, "समय की अनियमित्ता और समय का आंकलन ठीक से न हो पाने के कारण मैंने इतना बड़ा पल खो दिया. मुझे लगा कि ये दिन होगा बाद में और फिर मैं जब सोकर उठी तब डायरेक्टर ट्रॉय बर्नर ने बताया कि हमे ढेर सारे अवार्ड मिले हैं. ऐसे में ये सब एक सपने जैसा था." 

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बता दें कि फिल्म मैनी (Manny) एक ऐसे भारतीय महिला के सफर की कहानी हैं जो लटविया जाती हैं. वह एक लेखक के तौर पर आत्मकथा लिखने के लिए सफर पर निकलती हैं और अपनी अपने अस्तित्व की तलाश में,समलैगिंकता से जूझ रही हैं. महिला की जिंदगी में काफी सारे मोड़ आते हैं, जब तीन प्यार की राहों में वो आकर फसती हैं एक असल में, दूसरा जो उसकी कल्पना में हैं और तीसरा जो उसके साथ हैं यानी की आदमी, औरत और वो खुद.