विज्ञापन

64 साल पुराना वो हॉरर गाना, जिसमें सुनाई देती है सिर्फ पायल की छम-छम और लता मंगेशकर की आवाज की पैदा कर दिया था खौफ

बिना शोर और डरावने इफेक्ट्स के इस पुराने हॉरर गीत ने सिर्फ पायल की आवाज और लता मंगेशकर की मधुर आवाज से खौफ पैदा किया. खौफ और रहस्य का अनोखा एहसास देने वाला यह गाना आज भी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है.

64 साल पुराना वो हॉरर गाना, जिसमें सुनाई देती है सिर्फ पायल की छम-छम और लता मंगेशकर की आवाज की पैदा कर दिया था खौफ
हॉरर सॉन्ग जिसने मचा दी दहशत! क्या आपने सुना है?
NDTV

आज की हॉरर फिल्मों में डर पैदा करने के लिए तेज बैकग्राउंड म्यूजिक, चीख-पुकार और भारी-भरकम साउंड इफेक्ट्स का सहारा लिया जाता है. लेकिन हिंदी सिनेमा में एक ऐसा गाना भी बना, जिसने बिना शोर मचाए ही लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए. इस गाने की सबसे बड़ी पहचान बनी पायल की छम-छम, रहस्य से भरा माहौल और ऐसी आवाज, जिसने इसे हमेशा के लिए यादगार बना दिया. हेमंत दा के मधुर संगीत और लता दी की मीठी आवाज ने साबित कर दिया कि सिहरन पैदा करने के लिए हमेशा चीखें या डरावनी आवाजें ही जरूरी नहीं होतीं. इसे हिंदी फिल्मों के सबसे बेहतरीन हॉरर गीतों में गिना जाता है.

'बीस साल बाद' का सबसे यादगार गाना

'कहीं दीप जले कहीं दिल' साल 1962 में रिलीज हुई सस्पेंस-हॉरर फिल्म 'बीस साल बाद' का गाना है. इस फिल्म में विश्वजीत और वहीदा रहमान मुख्य भूमिका में थे. फिल्म का निर्देशन बिरेन नाग ने किया था, जबकि संगीत हेमंत कुमार का था. गीत शकील बदायूंनी ने लिखा और इसे अपनी आवाज दी लता मंगेशकर ने. फिल्म की रहस्यमयी कहानी की तरह यह गाना भी दर्शकों के मन में डर और उत्सुकता एक साथ पैदा करता है.

जब सन्नाटे ने रच दिया जादू

इस गाने की सबसे बड़ी ताकत इसका माहौल है. यहां तेज संगीत से ज्यादा असर पायल की छम-छम, धीमी धुन और लता मंगेशकर की रहस्यमयी आवाज छोड़ती है. गाने को इस तरह तैयार किया गया कि हर शब्द के साथ सस्पेंस और गहरा होता जाता है. यही वजह है कि छह दशक बाद भी यह गीत सुनते ही लोगों के सामने फिल्म के डरावने दृश्य ताजा हो जाते हैं. इस गीत के लिए लता मंगेशकर और शकील बदायूंनी को फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. आज भी यह गाना उनके सबसे यादगार गीतों की सूची में शामिल किया जाता है.

समय के साथ हॉरर फिल्मों का अंदाज बदल गया, लेकिन 'कहीं दीप जले कहीं दिल' का असर आज भी वैसा ही महसूस होता है. यही वजह है कि जब भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार हॉरर गीतों की बात होती है, तो यह गाना सबसे पहले याद किया जाता है. यह साबित करता है कि डर पैदा करने के लिए हमेशा तेज आवाज की जरूरत नहीं होती, कई बार पायल की छम-छम और एक जादुई आवाज ही काफी होती है.

ये भी पढ़ें: न अरुण गोविल, न रणबीर कपूर! 9 बार फिल्मों में श्रीराम बना ये एक्टर, लोग करने लगे थे पूजा, 42 की उम्र में छोड़ी दुनिया

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Kahin Deep Jale Kahe Dil, Lata Mangeshkar Songs, Bees Saal Baad, Bees Saal Baad 1962 Film, Kahin Deep Jale Kahin Dil Song
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com