कृष्णावतारम: पार्ट 1 – हृदयम और इसकी ट्रायोलॉजी को क्रिएटिवलैंड स्टूडियोज और आर्ट ऑफ लिविंग (AOL) और वर्ल्ड फोरम फॉर आर्ट एंड कल्चर (WFAC) के साथ आने से, ये एक लैंडमार्क कल्चरल कोलैबोरेशन बन गया है. यह फिल्म भगवान कृष्ण की जीवन लीला और उनके दिव्य सफर को अब तक की सबसे बेहतरीन सिनेमैटिक प्रस्तुति के जरिए पेश करती है. गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के आशीर्वाद और प्यार ने इस फिल्म को सिर्फ एक सिनेमा से कहीं ज्यादा बना दिया है, एक बड़े संसार में पहुंचा दिया है जिसमें सिनेमा, सीरीज, म्यूजिक, लाइव एक्सपीरियंसेज, गेम्स, एजुकेशन और इमर्सिव कल्चरल एक्सपीरियंसेज शामिल है!
कृष्णावतारम: पार्ट 1 - हृदयम, जो कि कृष्णावतारम ट्रायोलॉजी की पहली किस्त थी, उसे अपने रिलीज होने पर दर्शकों द्वारा खूब पसंद किय गया. कहना होगा कि इस भक्तिमय कहानी ने लाखों दिलों को छुआ. ऐसे में अब भारत भर में अपने शानदार सफर के बाद, यह फिल्म दुनियाभर में मौजूद दर्शकों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए तैयार है.
फिल्म के खास सफर को आर्ट ऑफ लिविंग के फाउंडर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का दिव्य आशीर्वाद मिला है. फिल्म से प्रभावित होकर, गुरुदेव प्रोड्यूसर डॉ. साजन राज कुरुप की क्रिएटिवलैंड के लिए एक गाइडिंग फोर्स के तौर पर आगे आए हैं और फिल्म की ग्लोबल प्रेजेंटेशन और ट्रायोलॉजी का समर्थन करते हुए इसके दिव्य संदेश को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं. इस जन्माष्टमी पर, वर्ल्ड फोरम फॉर आर्ट एंड कल्चर (WFCA) और राज कुरुप की क्रिएटिव लैंड्स ने गुरुदेव की मौजूदगी में इस एसोसिएशन को ऑफिशियल बना दिया है. उन्होंने गुरुदेव के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके साथ वे आगे टीम का मार्गदर्शन करेंगे.
इस अहम सहयोग के जरिए कृष्णावतारम को दुनियाभर में मौजूद दर्शकों तक पहुंचने का मौका मिलेगा और इस तरह से यह सिनेमा, आर्ट और लेगेसी के एक ग्लोबल कल्चरल मूवमेंट में बदला जाएगा. ये सहयोग फिल्म को एक बड़े ग्लोबल थिएट्रिकल सफर पर ले जाने से शुरू होगा, जो भारतीय प्रवासियों और दुनियाभर में मौजूद दर्शकों तक हिंदी, तमिल, तेलुगु और इंग्लिश में पहुंचेगी.
गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने फिल्म के प्रति अपना प्यार जताते हुए कहा, “कृष्ण का मतलब है - सबसे आकर्षक आत्मा. यह वही दिव्यता है जो सबसे ज्यादा आकर्षित करती है; वह ऊर्जा जो हर चीज को अपनी तरफ खींचती है. जब आपको यह एहसास होता है कि आपका जीवन और यह पूरा संसार बस एक लीला है, तब आपके भीतर कृष्ण का जन्म होता है.”
प्रोड्यूसर डॉ.साजन राज कुरुप का कहना है, “गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के आशीर्वाद से, जिन्होंने अपनी कृपा से पूरी दुनिया को संभाला है और लाखों लोगों की जिंदगी बदली है, यह फिल्म गुरुदेव के चरणों में अपना सबसे सही स्थान पाती है. कृष्ण अवतारम के साथ, हमें भारतीय संस्कृति के हर हिस्से को दुनिया तक ले जाने और अपनी सांस्कृतिक मान्यताओं को सामने रखने में गर्व महसूस हो रहा है, जो हमारे अस्तित्व का एक सबसे अहम हिस्सा हैं. हमारा विजन कृष्ण अवतारम को एक ऐसा ग्लोबल कल्चरल मूवमेंट बनाना है जो सिनेमा, आर्ट और हमारी विरासत का जश्न मनाए.”
गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के "वन वर्ल्ड फैमिली" (वसुधैव कुटुंबकम) के विजन से प्रेरित वर्ल्ड फोरम फॉर आर्ट एंड कल्चर (WFAC) एक ग्लोबल कल्चरल विंग है, जिसकी स्थापना सितंबर 2020 में आर्ट ऑफ लिविंग के तहत की गई थी. WFAC का दुनियाभर के आर्टिस्ट्स, परफॉर्मर्स और आर्ट एंथूजियास्ट्स को एक साथ लाने का मकसद है.
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साफ तौर पर कहा जाए तो कुलमिलाकर, इन सभी पहलों का मकसद है कृष्ण के अनोखे संसार में एक आधुनिक प्रवेश द्वार बनाना और साथ ही उन दार्शनिक, कलात्मक और सांस्कृतिक परंपराओं में गहराई से जुड़े रहना, जहां से ये शुरू हुआ है. कृष्णावतारम: पार्ट 1 – हृदयम का ग्लोबल सफर, इंडिया की इस एपिक कल्चरल कहानी को दुनिया तक ले जाने की दिशा में पहला कदम है. ये सिर्फ एक फिल्म से कहीं ज्यादा है, ये इस कहानी को एक कल्चरल मूवमेंट में बदलने का एक सफर है, जो सच में एक शुरुआत है.
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