'काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी' फिल्म अपने ऐलान के बाद से ही विवादों में घिरी हुई है. हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई टाल दी, जिसमें प्रस्तावित फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी' की शूटिंग प्रमोशन और रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी. इस विवाद के बीच, इस प्रोजेक्ट से जुड़े अभिनेता सोनू मिश्रा ने बताया है कि उन्होंने फिल्म से अलग होने का फैसला क्यों किया. ANI से बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि जब उन्हें पहली बार यह रोल ऑफर किया गया था, तो उन्हें लगा था कि फिल्म सलमान खान के पक्ष में कहानी दिखाएगी.
सुपरस्टार का नाम और राजस्थान की संस्कृति को धूमिल करने वाली फिल्म
उन्होंने कहा, "मुझे सलमान खान का किरदार निभाना था. जब मुझे एहसास हुआ कि यह फिल्म एक सुपरस्टार का नाम और राजस्थान की संस्कृति और प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए बनाई गई है, तो मेरे नैतिक मूल्यों ने मुझे एक सीनियर अभिनेता के खिलाफ प्रोपेगैंडा का हिस्सा बनने की इजाजत नहीं दी. मेकर्स के साथ क्रिएटिव मतभेदों के बाद मैंने फिल्म से खुद को अलग करने का फैसला किया."
एक्टर ने कहा, मेकर्स ने फिल्म की स्क्रिप्ट उनके साथ शेयर नहीं की थी. "बिश्नोई समुदाय से कोई धमकी मिलने का सवाल ही नहीं उठता. यह मेरा अपना समुदाय है. मेरा मानना है कि समाज की भलाई के लिए समुदाय द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों पर फिल्में बनाई जानी चाहिए. मैं खुशी-खुशी ऐसा करता." उन्होंने आगे कहा, "स्टे एप्लीकेशन पर सुनवाई 1 जुलाई को होनी है. हमें न्याय प्रणाली पर भरोसा रखना होगा."
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ANI के अनुसार, यह मामला जस्टिस मधु जैन की वेकेशन बेंच के सामने तब आया, जब फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वकील ने सलमान खान की अर्जी पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. सलमान खान की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी ने कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा देने की अपील की. उन्होंने तर्क दिया कि फिल्म निर्माता एक्टर की सहमति के बिना उनकी जिंदगी और पब्लिक इमेज का कमर्शियल फायदा उठा रहे थे.सेठी ने सलमान के हवाले से कोर्ट में कहा, "वह मेरी जिंदगी पर फिल्म बना रहे हैं और नोटिस फाड़ रहे हैं. उन्हें मेरी जिंदगी पर फिल्म बनाने का कोई अधिकार नहीं है.मैं अंतरिम रोक की मांग कर रहा हूं. टीजर पहले ही रिलीज हो चुका है." वहीं फिल्ममेकर के वकील ने अपना जवाब रिकॉर्ड पर रखने के लिए और समय मांगा. उन्होंने कहा कि उन्हें एप्लीकेशन की कॉपी बुधवार को ही मिली थी.
इस अनुरोध का विरोध करते हुए सेठी ने तर्क दिया कि प्रतिवादियों (रेस्पॉन्डेंट्स) को पहले ही नोटिस भेजा जा चुका था और सर्विस का हलफनामा कोर्ट में दाखिल किया गया था. सुनवाई के दौरान फिल्म निर्माताओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिली थी और उन्होंने इस मामले में FIR दर्ज कराई थी.सेठी ने आगे कहा कि फिल्म से जुड़ा प्रमोशनल मटीरियल पहले ही जारी किया जा चुका है. उन्होंने तर्क दिया कि प्रतिवादी बिना इजाजत के सलमान खान की पहचान और पब्लिक इमेज का इस्तेमाल जारी नहीं रख सकते.
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प्रतिवादियों ने किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने का विरोध किया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने नोट किया कि प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के वकील को हाल ही में शिकायत मिली थी. कोर्ट ने सलमान खान के वकील को निर्देश दिया कि वे दिन के दौरान प्रतिवादियों को सभी जरूरी कागजात सौंप दें.
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