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किसी मास्टरपीस से कम नहीं है साउथ की ये मूवी, खत्म होने के बाद फिल्म में खोए रहेंगे आप, जानिए कहां देख सकते हैं

हर वीकेंड ओटीटी पर नई फिल्में आती हैं, लेकिन अगर आप भीड़ से हटकर दिल को छू लेने वाली कहानी देखना चाहते हैं तो यह साउथ फिल्म आपके लिए है. IMDb पर 8.7 रेटिंग वाली ये फिल्म नेशनल अवॉर्ड भी जीत चुकी है.

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खत्म होने के बाद भी याद रहेगी ये मूवी! इस OTT प्लेटफॉर्म पर है उपलब्ध
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हर वीकेंड ओटीटी पर नई नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होती हैं. ज्यादातर कहानियां एक्शन, क्राइम, सस्पेंस या बड़े बड़े ट्विस्ट से भरी होती हैं. लेकिन अगर इस बार आपका मन कुछ ऐसा देखने का है जो शोर नहीं, बल्कि अपनी सादगी से दिल जीत ले, तो एक फिल्म जरूर देखिए. इस फिल्म को दर्शकों के साथ साथ क्रिटिक्स ने भी खूब पसंद किया है. आईएमडीबी पर इसे 8.7 की शानदार रेटिंग मिली है और नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है. ये फिल्म खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक आपके जेहन से जाती नहीं है.

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क्यों है इतनी खास?

इस फिल्म का नाम 'कदइसी विवसयी' है. जिसका मतलब है 'आखिरी किसान'. इसे डायरेक्टर एम. मणिकंदन ने बनाया है. जो अपनी असरदार फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. उनकी इस फिल्म की कहानी एक छोटे से गांव की है. जहां सूखे की मार से परेशान हो लगभग सभी लोगों ने खेती छोड़ दी है. पूरे गांव में सिर्फ 80 साल के मायंदी ही ऐसे इंसान हैं. जो अब भी खेत में मेहनत करते हैं. इस बीच गांव के मंदिर में खास धार्मिक अनुष्ठान होता है. जिसके लिए लोकल वैरायटी के धान की जरूरत पड़ती है. तब पूरे गांव की उम्मीद मायंदी पर टिक जाती है. लेकिन कहानी तब नया मोड़ लेती है. जब बेहद भोले और सीधे मायंदी अचानक एक कानूनी मामले में फंस जाते हैं. इसके बाद फिल्म सिर्फ एक किसान की कहानी नहीं रहती, बल्कि इंसान, व्यवस्था और समाज के रिश्तों पर गहरी बात करती है. फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके मुख्य कलाकार नल्लांदी हैं. खास बात ये है कि वो प्रोफेशनल आर्टिस्ट नहीं बल्कि असल जिंदगी के किसान हैं.

कहां देखें और क्यों देखें?

'कदइसी विवसयी' सिर्फ किसानों की कहानी नहीं सुनाती. वो ये दिखाती है कि खेती किसी किसान के लिए सिर्फ रोजी रोटी नहीं, बल्कि उसकी पहचान और उसकी लाइफ है. फिल्म भाषण या सीख देने के अंदाज में नहीं बनी है. बल्कि प्रेक्टिकल प्रॉब्लम से आम दर्शक का सामना करवाती है. इसी बेहतरीन कहानी और डायरेक्शन की वजह से फिल्म को 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में बेस्ट तमिल फिल्म का सम्मान मिला था. अगर इस वीकेंड आप कुछ अलग, शांत और दिल को छू लेने वाला सिनेमा देखना चाहते हैं, तो सोनी लिव पर ये फिल्म देख सकते हैं. हालांकि फिल्म हिंदी में अवेलेबल पनहीं हैं. इसे आपको हिंदी सबटाइटल्स के साथ देखना होगा.

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