Johnny Lever Son: जॉनी लीवर के बेटे जेसी की बचपन में हुई गंभीर बीमारी की कहानी अब उनकी बेटी जेमी लीवर ने शेयर की है. जेमी ने हाल ही में एक यूट्यूब इंटरव्यू में खुलासा किया कि उनके भाई जेसी को स्कूल के दिनों में गर्दन में ट्यूमर हो गया था. उस समय जेसी की उम्र महज 10-12 साल के आसपास थी. शुरू में परिवार को समझ नहीं आया कि समस्या क्या है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ती गई. ट्यूमर की वजह से जेसी को काफी परेशानी होने लगी और उन्होंने इसे छिपाने के लिए अपने कपड़ों का स्टाइल भी बदल लिया. बहन होने के नाते जेमी ने हमेशा उनकी सुरक्षा का खास ख्याल रखा, क्योंकि दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे.
फेल रही मुंबई में करवाई गई पहली सर्जरी
इस मुश्किल वक्त में परिवार ने मुंबई में पहली सर्जरी करवाई, लेकिन वह सफल नहीं हुई. इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई. जेमी ने बताया कि उनके माता-पिता ने बेटे की देखभाल में बहुत तकलीफें झेलीं. जेसी परिवार का लाडला था इसलिए उसकी सर्जरी और रिकवरी का दौर सबके लिए बेहद भावुक और दर्दनाक रहा. इस दौरान परिवार ने ईश्वर पर गहरा भरोसा किया. वे रोजाना प्रार्थना करते थे, घर पर कई लोग आकर उनके साथ दुआएं मांगते थे. जॉनी लीवर खुद घुटनों के बल बैठकर भगवान से प्रार्थना करते थे और पूछते थे कि क्या बेटे को दूसरी सर्जरी करवानी चाहिए. उन्हें लगा जैसे कोई दिव्य आवाज उन्हें कह रही हो - ‘आगे बढ़ो'.
दरअसल जॉनी का परिवार अमेरिका गर्मियों की छुट्टियां मनाने गया था. वहां जेसी की हर छोटी-बड़ी इच्छा पूरी करने की कोशिश की जा रही थी. एक चर्च में एक पादरी ने जेसी की हालत देखी और ट्यूमर के बारे में जानने के बाद एक अस्पताल का नाम सुझाया. उन्होंने कहा, ‘ईश्वर उसे ठीक कर देंगे.' परिवार को यह ईश्वर का संकेत लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत उस अस्पताल से संपर्क किया. वहीं दूसरी सर्जरी हुई जो सफल रही और जेसी पूरी तरह स्वस्थ हो गए. यह पूरी प्रक्रिया लगभग दो साल चली.
आज जेमी को अपने भाई पर गर्व है. वे कहती हैं कि जेसी अब इतने मजबूत और पॉजिटिव इंसान बन गए हैं कि देखकर कोई विश्वास नहीं करेगा कि उन्होंने इतनी बड़ी चुनौती का सामना किया था. इस घटना ने पूरे परिवार की जिंदगी और आस्था को हमेशा के लिए बदल दिया.
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