कुछ गाने ऐसे होते हैं, जिन्हें सुनते ही पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं. 2007 में आई फिल्म ‘आवारापन' का ‘तो फिर आओ' भी ऐसा ही गाना है. दर्द, जुदाई और अधूरी मोहब्बत का एहसास लिए इस गाने ने रिलीज के बाद खूब पॉपुलैरिटी हासिल की. मोहित चौहान की आवाज और प्रीतम के म्यूजिक ने इसे खास बना दिया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने की धुन के पीछे एक पाकिस्तानी बैंड का भी कनेक्शन है? दरअसल, ‘तो फिर आओ' की धुन पाकिस्तानी रॉक बैंड रॉक्सेन के पहले के म्यूजिक से जुड़ी बताई जाती है.
गाने का कनेक्शन
‘तो फिर आओ' को लेकर अक्सर बताया जाता है कि इसकी धुन पाकिस्तानी बैंड रॉक्सेन के म्यूजिक से इंस्पायर थी. रॉक्सेन का एल्बम 2006 में रिलीज हुआ था और उसके म्यूजिक में रॉक के साथ-साथ उदासी और रोमांस का खास रंग सुनाई देता था. इसी बैंड के ट्रैक ‘लम्स' को ‘तो फिर आओ' से जोड़ा जाता है. फिल्म के गाने में इस धुन को हिंदी फिल्मों के म्यूजिक के हिसाब से ढाला गया. गाने के बोल, अरेंजमेंट और मोहित चौहान की आवाज ने इसे एक अलग पहचान दी. यही वजह है कि कई लोगों के लिए ये सिर्फ एक फिल्मी गाना नहीं, बल्कि ‘आवारापन' की पूरी इमोशनल दुनिया का हिस्सा बन गया.
इमरान हाशमी की फिल्म में गाने ने बनाई अलग पहचान
‘आवारापन' में इमरान हाशमी और श्रिया सरन की कहानी के बीच ‘तो फिर आओ' बेहद अहम महसूस होता है. गाने में प्यार के साथ दूरी और अकेलेपन का दर्द भी सुनाई देता है. यही इमोशन्स इसे बाकी रोमांटिक गानों से थोड़ा अलग बनाता है. फिल्म के रिलीज होने के बाद ‘तो फिर आओ' युवाओं के बीच तेजी से पॉपुलर हुआ. खासकर मोहित चौहान की भारी और इमोशनल आवाज ने गाने के असर को और बढ़ा दिया. फिल्म आवारपन की बात करें तो साल 2007 में रिलीज हुई ये फिल्म अब एक कल्ट क्लासिक के तौर पर पहचानी जाती है. जिसमें मोहब्बत का दर्द, माशूक की मासूमियत और इमोशनल गानों का शानदार कॉम्बिनेशन मौजूद है.
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