साल 2002 में आई संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘देवदास' का गाना ‘डोला रे डोला' आज भी बॉलीवुड के सबसे यादगार डांस नंबरों में गिना जाता है. ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित की शानदार जुगलबंदी ने इस गाने को खास बना दिया था. वहीं कविता कृष्णमूर्ति, श्रेया घोषाल और केके की आवाज ने इसमें अलग ही रंग भर दिया. इस गाने में बंगाल की संस्कृति, दुर्गा पूजा का माहौल, पारंपरिक परिधान और भव्य सेट नजर आते हैं. संगीत इस्माइल दरबार ने दिया और बोल नुसरत बद्र ने लिखे थे. गाने की कोरियोग्राफी सरोज खान ने की थी, जिसके लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला.
दुर्गा पूजा के माहौल में आमने-सामने आईं पारो और चंद्रमुखी
‘डोला रे डोला' फिल्म में पारो और चंद्रमुखी यानी ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित के बीच खूबसूरत डांस जुगलबंदी के रूप में आता है. दोनों किरदारों के बीच देवदास को लेकर एक भावनात्मक जुड़ाव है, लेकिन गाने में दोनों के बीच किसी दुश्मनी की जगह एक खूबसूरत स्त्री-सुलभ दोस्ती और अपनापन दिखाई देता है. पूरा सीक्वेंस दुर्गा पूजा की पृष्ठभूमि में फिल्माया गया है. लाल-सफेद साड़ियों, भारी गहनों और बंगाली अंदाज ने गाने को बेहद भव्य बना दिया.
तीन आवाजों ने बनाया गाना खास
इस गाने की सबसे खास बात इसकी गायकी भी थी. कविता कृष्णमूर्ति, श्रेया घोषाल और केके ने मिलकर इसे आवाज दी. श्रेया घोषाल के लिए ‘देवदास' बेहद खास फिल्म थी, क्योंकि यही फिल्म उनका बड़ा बॉलीवुड ब्रेक बनी. उन्होंने फिल्म के ‘बैरी पिया' के लिए नेशनल अवॉर्ड भी जीता था. ‘डोला रे डोला' को भी दर्शकों और अवॉर्ड समारोहों में खूब पसंद किया गया. 2003 के आईफा अवॉर्ड्स में नुसरत बद्र को इसके लिए बेस्ट लिरिक्स और श्रेया घोषाल-कविता कृष्णमूर्ति को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का पुरस्कार मिला.
सरोज खान की मेहनत को मिला नेशनल अवॉर्ड
‘डोला रे डोला' की लोकप्रियता में सरोज खान की कोरियोग्राफी का बड़ा हाथ था. गाने में शास्त्रीय नृत्य की झलक के साथ फिल्म की भव्यता को भी खूबसूरती से जोड़ा गया. ऐश्वर्या और माधुरी दोनों के डांस को इस तरह फिल्माया गया कि उनकी अपनी-अपनी नृत्य शैली साफ नजर आई. सरोज खान को इसी गाने के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट कोरियोग्राफी मिला. आईफा में भी इस गाने की कोरियोग्राफी को पुरस्कार मिला.
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