बॉलीवुड में कई ऐसे गाने हैं जिनको सुनते ही आपके पैर अपने आप थिरकने लगते हैं. उनका म्यूजिक और गाने के बोल के साथ उसका औरा ऐसा होता है कि आपको खुशी का एहसास होने लगता है. आज हम आपको एक ऐसे ही गाने के बारे में बताएंगे जिसको बनाने के बाद इसको लिखने वाला और गाने वाला दोनों ही इतना डर गए थे या ना जाने किस वजह से उन्होंने अपना नाम रिवील नहीं किया था. बल्कि गाने को दो अनजान गायकों की आवाज कहा था. यकीन मानिए कि हम जैसे ही आपको उस गाने का नाम बताएंगे आप एक बार उस गाने को सुनेंगे जरूर.
कौन सा था गाना
हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वो है 'इमोशनल अत्याचार'. साल 2009 में आई अनुराग कश्यप की फिल्म Dev D जब बॉक्स ऑफिस पर आई तो यंगस्टर्स को खासी पसंद आई. इस फिल्म में प्यार, धोखा और कंफ्यूजन को दिखाया गया है. ये दो ऐसे प्यार करने वालों की कहानी थी जिनके बीच में प्यार होता है, फिर कंफ्यूजन आता है दोनों दूर होते हैं. ये गाना भी इसी सिचुएशन को देखते हुए बनाया गया, जो बिल्कुल फिट बैठता है. ये गाना ऐसा है कि आज भी शादी-पार्टी या फिर हर फंक्शन में चल ही जाता है.
अनुराग कश्यप की 2009 की यह फिल्म अमित त्रिवेदी के संगीत की वजह से बहुत फेमस हुई हालांकि इसके सभी गाने पसंद किए गए, लेकिन 'इमोशनल अत्याचार' सबसे बड़ा हिट साबित हुआ और आने वाले कई सालों तक पॉप कल्चर में अपनी जगह बनाए रखी.
गाने के बोल थे भी इतने ही मजेदार हैं-
तौबा तेरा जलवा, तौबा तेरा प्यार
तेरा इमोशनल अत्याचार
तौबा तेरा जलवा, तौबा तेरा प्यार
तेरा इमोशनल अत्याचार
जाओ जाओ ओह दिलबर, ओह दिलबर...
तौबा तेरा जलवा, तौबा तेरा प्यार
तेरा इमोशनल अत्याचार
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सिंगर्स ने क्यों छिपाया था नाम
17 साल पहले आई अभय देओल,कल्कि कोएच्लिन, माही गिल और दिब्येन्दु भट्टाचार्य ने काम किया था. अब बात करें गाने की तो ये गाना बहुत ज्यादा पसंद किया गया था. फिल्म की रिलीज के काफी समय बात तक ये बात मशहूर रही कि 'देव डी' फिल्म के गाने 'इमोशनल अत्याचार' के पीछे हिमाचल प्रदेश के दो अनजान सिंगर्स की आवाज थी. बैंड मास्टर रंगीला और रसीला के नाम पर ये गाना दर्ज किया गया था. लेकिन लगभग 7 साल बाद संगीतकार अमित त्रिवेदी ने खुलासा किया है कि असल में उन्होंने और अमिताभ भट्टाचार्य ने ही ये गाना गाया था.
कैसे बना था गाना
PTI को दिए एक इंटरव्यू में त्रिवेदी ने बताया कि फरवरी 2009 में रिलीज हुई फिल्म के लिए यह गाना कैसे तैयार किया गया था. उन्होंने बताया था कि अनुराग चाहते थे कि गाना एक खास तरह का हो. ये उनका ही विजन था. 'इमोशनल अत्याचार' शब्द उन्हीं का था और इसे शादी वाले ब्रास बैंड स्टाइल में करने का आइडिया भी उन्हीं का था. मैंने बस उनके विजन और प्लान पर काम किया.
गाने को तैयार करने के बाद ऐसे ही अमित और अमिताभ ने गाने को गाया, जिसको बाद में किसी और से गवाना था. लेकिन अनुराग को अमित और अमिताभ की आवाज ही इस गाने के लिए परफेक्ट लगी. जिसके बाद आवाज को थोड़ा सा बदलकर मजाकिया और कैरिकेचर सा बनाया गया. अमिताभ को सिंगर बनना था इसलिए वो डर गए कि इस तरह के गाने के बाद शायद उनको काम न मिले, इस वजह से असली नाम को छिपाया गया और इसे 'बैंडमास्टर रंगीला और रसीला' का नाम दिया गया.
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