अनुपमा परमेश्वरन पिछले कुछ दिनों से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रही हैं. दरअसल एक्ट्रेस ने हाल ही में एक पोस्ट की जिससे उनके रिलेशनशिप के खत्म होने का इशारा मिलता नजर आया. अब एक्ट्रेस ने उस पोस्ट के पीछे के अपने एक्सपीरियंस के बारे में बात की है. अनुपमा ने 'I AM with Dhanya Varma' के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले दो साल उन्होंने 'नार्सिसिस्टिक एब्यूज' (narcissistic abuse) का सामना करते हुए बिताए हैं. उन्होंने बताया कि यह पोस्ट उन्होंने तब किया जब वे ठीक होने लगी थीं और अपने एक्सपीरियंस के बारे में बात करने के लिए तैयार महसूस कर रही थीं.
उस शख्स की पहचान बताए बिना, अनुपमा ने कहा कि इस पोस्ट के पीछे दर्द और आत्म-चिंतन का एक लंबा दौर था. उन्होंने बताया कि यह कोई ऐसी चीज नहीं थी जिसे उन्होंने जल्दबाजी में शेयर किया हो, बल्कि यह एक ऐसा मैसेज था जो उन्होंने तब दिया जब वे उस हालत में पहुंच गईं जहां वे आखिरकार यह स्वीकार कर सकती थीं कि उनके साथ क्या हुआ था.
उन्होंने कहा, "उस एक पोस्ट के पीछे दो साल का दर्द और फिजिकल और इमोशनल डैमेज छिपा है" उन्होंने समझाया कि वे सिर्फ कोई बयान देने के लिए कुछ शेयर नहीं करना चाहती थीं. इसके बजाय वे तब बात करना चाहती थीं जब वे तैयार महसूस करें और ठीक होने की दिशा में आगे बढ़ चुकी हों.
'नार्सिसिस्टिक एब्यूज' झेलने पर अनुपमा परमेश्वरन
अनुपमा ने अपने एक्सपीरियंस को साफ तौर पर "नार्सिसिस्टिक एब्यूज" बताया और इस शब्द पर लोगों की अलग-अलग रिएक्शन के बारे में बात की. उन्होंने एक इंस्टाग्राम रील देखने का जिक्र किया जिसमें एक्टर मैडोना सेबेस्टियन ने नार्सिसिस्टिक एब्यूज के बारे में बात की थी. अनुपमा ने कहा कि इस विषय ने उन पर इतना गहरा असर डाला कि वह कांपने लगीं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस एक्सपीरियंस को समझते हैं क्योंकि वे खुद इससे गुजरे हैं और कुछ परिवार के सदस्य और दोस्त भी हैं जिन्होंने अपने किसी करीबी को इससे गुजरते देखा है.
उन्होंने कहा, "पहली कैटेगरी उन लोगों की है जो जानते हैं कि किसने इसे झेला है - परिवार और दोस्त जिन्होंने किसी को पीड़ित होते देखा है. दूसरी कैटेगरी उन लोगों की है जिन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने शायद यह शब्द सुना होगा, लेकिन उन्हें इसके बारे में रिसर्च करने की जरूरत नहीं पड़ी. तीसरी कैटेगरी उन लोगों की है जो इसे जेंडर-बेस्ड कहेंगे और अंदाजों के आधार पर नेगेटिव कमेंट करेंगे. अगली कैटेगरी वह है जिससे मैं बात करना चाहती हूं - वे लोग जो इस हालात से गुजरे हैं लेकिन अभी तक इसे पहचान नहीं पाए हैं. यह सबसे खतरनाक कैटेगरी है."
'मेडिकल न्यूज टुडे' के मुताबिक नार्सिसिस्टिक एब्यूज मेन्युपुलेशन का एक पैटर्न है, जिसमें कोई व्यक्ति किसी दूसरे के सेल्फ कॉन्फिडेंस और सेल्फ रिस्पेक्ट को कमजोर करने के लिए कंट्रोल, नीचा दिखाने या दूसरे तरह से गलत व्यवहार करता है. यह शब्द अक्सर ऐसे रिश्तों के रेफरेंस में इस्तेमाल किया जाता है जहां एक व्यक्ति लगातार दूसरे पर हक जमाने या कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं. इससे पीड़ित व्यक्ति खुद को कमतर, उलझन में या इमोशनली दूसरों पर निर्भर महसूस करने लगता है.
‘मैं सिमटने लगी'
अनुपमा ने कहा कि वह उस शख्स का नाम नहीं लेंगी, लेकिन उन्होंने बताया कि उस रिश्ते ने उनकी अपनी पहचान पर कैसा असर डाला. उन्हें याद है कि उन्हें ऐसा लगता था जैसे एक इंसान के तौर पर आगे बढ़ने के बजाय वह सिमटती जा रही हैं. उन्होंने कहा, "मैं सिमटने लगी थी," और बताया कि उस दौरान उनका काफी वजन कम हो गया था. उन्हें ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वह "खिल रही हैं", बल्कि उन्हें लगा कि वह धीरे-धीरे कमजोर या छोटी होती जा रही हैं.
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उनकी ये बातें पिछले महीने उनकी शेयर की गई एक इंस्टाग्राम पोस्ट के रेफरेंस को और साफ करती हैं, इसमें उन्होंने पुरानी बातों को पीछे छोड़ने, अपनी आवाज वापस पाने और खुद को फिर से खोजने के बारे में बात की थी. पोस्ट में अनुपमा ने बिना किसी की इजाजत लिए या डर में जिए बिना अपनी जिंदगी चुनने के बारे में लिखा. उन्होंने अपने साथ खड़े रहने के लिए अपने फॉलोअर्स का भी शुक्रिया अदा किया और कहा कि मुश्किल समय में उनके मैसेज, दुआएं और प्यार उन तक पहुंचे. उन्होंने ठीक होने, आजादी और खुद को चुनने के फैसले का जश्न मनाते हुए पोस्ट खत्म की.
बता दें कि अनुपमा की ये बातें एक्टर ध्रुव विक्रम के साथ उनके रिश्ते को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच आई हैं. दोनों की डेटिंग की अफवाहें 2025 की शुरुआत में तब सामने आईं जब वे मारी सेल्वराज की फिल्म 'बाइसन कालमादान' पर काम कर रहे थे.
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