सोनी राजदान का कहना है कि 'स्टार नहीं, बल्कि एक्टर' बनने की चाहत की वजह से उन्हें 'कीमत चुकानी पड़ी'. कोई उन्हें 'लॉन्च' नहीं करना चाहता था. 1984 में 'सारांश' से बड़ी कामयाबी मिलने से पहले सोनी राजदान ने थिएटर के अलावा कुछ फिल्मों में छोटे-मोटे रोल किए थे. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में चार दशक बिताए हैं, लेकिन सोनी राजदान का कहना है कि उन्हें बहुत जल्दी ही नजरअंदाज कर दिया गया था. वह अभी फिल्म 'ओम का हरि' में काम कर रही हैं.
एक्ट्रेस ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बताया कि कैसे उनका एक्टिंग का सफर शुरू हुआ और क्यों उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि वह स्टार बनने से पहले एक एक्टर बनना चाहती थीं.
सोनी राजदान की शुरुआत
सोनी 25 साल की थीं, जब उन्होंने अपर्णा सेन की फिल्म '36 चौरंगी लेन' में सपोर्टिंग रोल के साथ फिल्मों में डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने इस्माइल श्रॉफ की 'आहिस्ता आहिस्ता' और श्याम बेनेगल की 'मंडी' में सपोर्टिंग रोल किए. एक्ट्रेस का कहना है कि इन फिल्मों को चुनना उनका सोच-समझकर लिया गया फैसला था. "मैं यह नहीं कह रही कि मैं स्टार नहीं बनना चाहती थी, लेकिन मैं पहले एक एक्टर बनना चाहती थी. फिर, आप उसके साथ स्टारडम भी चाहते हैं. इससे आपको बेहतर रोल, बेहतर मौके और ज्यादा पावर मिलती है. मैं इसे इसी नजरिए से देखती हूं."
'मुझे लॉन्च नहीं किया जा सका'
इंडस्ट्री में कई लोगों ने उनसे कहा कि उन्होंने श्याम बेनेगल की फिल्म में काम किया है, इसलिए अब वह मेनस्ट्रीम फिल्मों की हीरोइन नहीं बन सकतीं. "कभी-कभी ऐसा होता है कि आप कुछ फिल्में करते हैं और फिर आपसे कहा जाता है, 'आपने सही रास्ता नहीं चुना'. सोनी ने कहा, मुझे यह बात कभी समझ नहीं आई. स्टार बनने का एक ही तरीका क्यों होना चाहिए? कि पहले आपको कोई न देखे और फिर आपको रॉकेट की तरह लॉन्च किया जाए? और चूंकि आपने श्याम बेनेगल की फिल्म में रोल किया है, इसलिए आपको लॉन्च नहीं किया जा सकता और आप स्टार नहीं बन सकते. मुझे यह बात बिल्कुल समझ नहीं आई. मैं थिएटर कर रही थी. मुझे जहां भी काम मिलता, मैं वहां जाती थी और अच्छा काम करना चाहती थी, इसलिए मैंने श्याम बेनेगल और दूसरों के साथ काम किया तो फिर, मुझे लॉन्च नहीं किया जा सका."
हालांकि, 1984 में उन्होंने महेश भट्ट की डायरेक्ट की हुई फिल्म 'सारांश' में काम किया. इस फिल्म ने अनुपम खेर और रोहिणी हट्टंगडी को भी पहचान दिलाई और सोनी को फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन और पहचान भी मिली. 1984 की फिल्म के बारे में बात करते हुए वह कहती हैं, "मैं किस्मत वाली थी क्योंकि वह एक तरह का लॉन्च ही था, भले ही मैंने उससे पहले कुछ फिल्में की थीं. लेकिन हर किसी का अपना सफर होता है." एक्टर का कहना है कि वह अब भी मानती हैं कि स्टारडम तक पहुंचने का कोई एक ही तरीका नहीं होना चाहिए. "ऐसा कोई एक तरीका नहीं हो सकता कि आपको सब कुछ उसी तरह करना पड़े. मैंने कभी इसमें यकीन नहीं किया. हो सकता है कि मैंने इसके लिए नुकसान उठाया हो या कीमत चुकाई हो, मुझे नहीं पता."
सोनी राजदान का हालिया काम
सोनी की नई फिल्म 'ओम का हरि', जिसे हरीश व्यास ने डायरेक्ट किया है, इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. इसमें अंशुमन झा, रघुबीर यादव और आयशा कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं. यह फिल्म अभी सिनेमाघरों में चल रही है. वह अगली बार नेटफ्लिक्स शो 'शक' में नजर आएंगी. इससे परिणीति चोपड़ा वेब सीरीज में डेब्यू कर रही हैं और यह 25 सितंबर को रिलीज होने वाली है.
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