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नीम करोली बाबा के बाद अब पर्दे पर आएंगे 'मचान बाबा', 2027 में रिलीज होगी फिल्म, दिखेंगे बाबा से जुड़े कई रहस्य

हाल में ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर बन रही फिल्मों को लेकर इंडस्ट्री में भी चर्चा तेज हुई है. इस फिल्म का नाम ‘मचान बाबा’ है.

नीम करोली बाबा के बाद अब पर्दे पर आएंगे 'मचान बाबा', 2027 में रिलीज होगी फिल्म, दिखेंगे बाबा से जुड़े कई रहस्य
नीम करोली बाबा के बाद अब पर्दे पर आएंगे 'मचान बाबा'
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संतों और आध्यात्मिक हस्तियों से जुड़ी कहानियों में दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है. नीम करोली बाबा से प्रेरित ‘हनुमान अंश' की सफलता के बाद अब देश के सबसे रहस्यमयी संतों में गिने जाने वाले देवराहा बाबा की कहानी बड़े पर्दे पर आने जा रही है. हाल में ‘हनुमान अंश' की सफलता के बाद धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर बन रही फिल्मों को लेकर इंडस्ट्री में भी चर्चा तेज हुई है. इस फिल्म का नाम ‘मचान बाबा' है. मेकर्स ने इसका टाइटल पोस्टर रिलीज कर दिया है और फिल्म को 2027 में सिनेमाघरों तक पहुंचाने की तैयारी है.

आखिर क्यों इतने रहस्यमयी माने जाते हैं देवराहा बाबा?

देवराहा बाबा की पहचान नदी के किनारे जमीन से कई फीट ऊपर बने मचान से जुड़ी थी. वह इसी मचान पर रहते और यहीं से अपने भक्तों से मिलते थे.

लेकिन बाबा से जुड़ा सबसे बड़ा रहस्य उनकी उम्र को लेकर रहा है. उनके जन्म की कोई सर्वमान्य तारीख उपलब्ध नहीं है और उनकी आयु को लेकर वर्षों से अलग-अलग दावे होते रहे हैं. लेखक अभिजीत सेन की 2026 में प्रकाशित पुस्तक Devraha Baba and His 900-Year Life: History, Memory and Meaning भी बाबा की असाधारण दीर्घायु से जुड़े दावों और अलग-अलग दौर की स्मृतियों की पड़ताल करती है. ऐसे दावों को प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्य के बजाय बाबा से जुड़ी परंपराओं और स्मृतियों के संदर्भ में ही देखा जाता है.

जॉर्ज पंचम से भी जुड़ा है एक हैरान करने वाला दावा

देवराहा बाबा से जुड़े प्रसंग केवल आजाद भारत तक सीमित नहीं हैं. साल 2009 में संसद में लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने देवराहा बाबा का उल्लेख करते हुए कहा था कि पुराने इतिहास संबंधी विवरणों में किंग जॉर्ज पंचम के 1911 में बाबा से मिलने का जिक्र है. उन्होंने राजेंद्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सहित कई नेताओं का भी बाबा से संबंध बताया था. 

इंदिरा गांधी और ‘हाथ' के चुनाव चिन्ह का किस्सा

देवराहा बाबा से जुड़ी सबसे लोकप्रिय कहानियों में एक पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भी है. देवरिया स्थित बाबा के आश्रम से जुड़े लोगों का दावा रहा है कि 1978 में इंदिरा गांधी उनसे आशीर्वाद लेने पहुंची थीं. इसी मुलाकात को कांग्रेस के ‘हाथ' चुनाव चिन्ह से जोड़ने वाली एक लोकप्रिय कथा भी वर्षों से सुनाई जाती रही है. हालांकि, चुनाव आयोग ने फरवरी 1978 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाले कांग्रेस गुट को औपचारिक रूप से ‘हाथ' का चुनाव चिन्ह आवंटित किया था, इसलिए बाबा के आशीर्वाद और चुनाव चिन्ह के बीच संबंध को एक प्रचलित कथा के रूप में ही देखा जाना चाहिए. 

राजीव-सोनिया भी पहुंचे थे बाबा के पास

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और सोनिया गांधी के भी 1989 के चुनाव से पहले देवराहा बाबा से मिलने के विवरण मौजूद हैं. उसी वर्ष राजीव गांधी सरकार के दौरान अयोध्या में शिलान्यास की अनुमति भी दी गई थी, हालांकि इन दोनों घटनाओं के बीच प्रत्यक्ष कारण-संबंध के दावे अलग-अलग वृत्तांतों में अलग रूप में सामने आते हैं. 
फिल्म में इन राजनीतिक और ऐतिहासिक प्रसंगों को किस रूप में दिखाया जाएगा, इस बारे में मेकर्स ने अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है.

नीब करौरी बाबा से भी था कनेक्शन

‘मचान बाबा' को मौजूदा समय से जोड़ने वाली एक दिलचस्प बात यह भी है कि नीब करौरी बाबा और देवराहा बाबा लगभग एक ही दौर के संत थे. फिल्म की रिसर्च के दौरान सामने आए भक्त-संस्मरणों और मौखिक विवरणों में दोनों संतों की मुलाकातों का भी जिक्र है. मेकर्स के मुताबिक इन विवरणों में यह बात सामने आती है कि नीब करौरी बाबा, देवराहा बाबा का काफी सम्मान करते थे.

कौन बना रहा है ‘मचान बाबा'?

फिल्म को ब्रिटेन में स्थापित भारतीय मूल की कारोबारी पूनम गुप्ता OBE और अमेरिका में रहने वाले उद्यमी विकल्प पालीवाल प्रोड्यूस कर रहे हैं. पूनम गुप्ता ब्रिटेन के बिजनेस सर्किल में ‘Paper Queen' के नाम से भी मशहूर हैं और ‘मचान बाबा' के जरिए फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रख रही हैं.

दूसरे निर्माता विकल्प पालीवाल मूल रूप से लखनऊ से हैं और वर्तमान में ऑस्टिन, टेक्सास में रहते हैं. वह आईटी और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं.

पूनम गुप्ता कहती हैं, “देवराहा बाबा का जीवन अध्यात्म, इतिहास और रहस्य का अनोखा संगम है. उनकी कहानी में कई ऐसी परतें हैं, जो आज भी लोगों में जिज्ञासा पैदा करती हैं. हमारी कोशिश इसे गंभीर रिसर्च, श्रद्धा और सिनेमाई संवेदनशीलता के साथ बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने की है.”

वहीं दूसरे निर्माता विकल्प पालीवाल कहते हैं, “यह कहानी पूरी तरह भारतीय जड़ों से निकली है, लेकिन इसके भीतर मौजूद विश्वास, रहस्य और मानवीय जिज्ञासा की अपील वैश्विक है.” फिल्म ओजस फिल्म्स के बैनर तले बन रही है. ओजस फिल्म्स, सॉफ्टवेयर और एआई कंपनी ओजस सॉफ्टेक की फिल्म और कंटेंट इकाई है. ओजस सॉफ्टेक के प्रमुख डिजिटल ब्रांड्स में एस्ट्रोसेज एआई शामिल है.

फिल्म फिलहाल रिसर्च और प्री-प्रोडक्शन के दौर में है. टीम देवराहा बाबा से जुड़ी किताबों, तस्वीरों, पुराने दस्तावेजों, अभिलेखीय सामग्री और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुभवों पर काम कर रही है. मेकर्स का कहना है कि ‘मचान बाबा' सिर्फ चमत्कारों की कहानी नहीं होगी. इसमें बाबा के जीवन से जुड़े आस्था, इतिहास, राजनीति और उन रहस्यों की पड़ताल होगी, जिनकी चर्चा उनके निधन के दशकों बाद भी जारी है. ‘मचान बाबा' को 2027 में रिलीज करने की योजना है.

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