60 के दशक में ऐसे गाने बने, जो आज भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं. आज हम एक ऐसे ही गाने की बात करेंगे जिसमें कश्मीर की खूबसूरत वादियां, शिकारे, चेहरे पर मुस्कान लिए शम्मी कपूर और शर्मिला टैगोर ने यादगार बना दिया. कश्मीरी रंग में रंगी शर्मीला का गाना 'ये चांद सा रोशन चेहरा' आज भी लोगों की पसंदीदा प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है. इस गाने में शर्मिला टैगोर की खूबसूरती और शम्मी कपूर का चुलबुले अंदाज ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. इस गाने की खासियत सिर्फ रोमांस नहीं, बल्कि इसका म्यूजिक, मोहम्मद रफी की आवाज और कश्मीर की खूबसूरत वादियां है.
शम्मी कपूर और शर्मिला टैगोर की जोड़ी ने जीता था दिल
'ये चांद सा रोशन चेहरा' गाना फिल्म 'काश्मीर की कली' का है, जो साल 1964 में रिलीज हुई थी. फिल्म का गाना 'ये चांद सा रोशन चेहरा' को कश्मीर की डल झील में शिकारा पर और खूबसूरत वादियों के बीच शूट किया गया था. गाने में शम्मी कपूर, शर्मिला टैगोर की खूबसूरती की तारीफ करते नजर आते हैं. गाने में शर्मिला का अंदाज और शम्मी कपूर की चंचल अदाएं उस दौर के रोमांटिक सिनेमा की पहचान बन गई थीं. गाने के बोल इस तरह हैं-
ये चाँद सा रोशन चेहरा
ज़ुल्फ़ों का रंग सुनहरा
ये झील सी नीली आँखें
कोई राज़ हैं इन में गेहेरा
तारीफ़ करू क्या उसकी
जिस ने तुम्हें बनाया
ये चाँद सा रोशन चेहरा
ज़ुल्फ़ों का रंग सुनेहरा
ये झील सी नीली आँखें
कोई राज़ हैं इन में गेहेरा
तारीफ़ करू क्या उसकी
जिस ने तुम्हें बनाया
मोहम्मद रफी की आवाज और ओपी नैयर का संगीत
'ये चांद सा रोशन चेहरा' गाने का संगीत ओपी नैयर ने तैयार किया था और इसके बोल एस.एच.बिहारी ने लिखे थे. गाने को मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज से सजाया था. गाने की धुन में रोमांस और मस्ती का ऐसा मेल है, जो इसे बाकी पुराने गीतों से अलग पहचान देता है. 62 साल बाद भी ये गाना पुराने संगीत को पसंद करने वाले लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल है.
क्या थी फिल्म का कहानी?
फिल्म 'काश्मीर की कली' की कहानी की बात करें तो ये एक अमीर लड़के और एक साधारण कश्मीरी लड़की के प्रेम की कहानी है. फिल्म में शम्मी कपूर ने राजीव का और शर्मिला टैगोर ने चंपा का किरदार निभाया था. इसमें राजीव की मां उसकी शादी किसी अमीर घराने की लड़की से कराना चाहती थीं. लेकिन राजीव अपनी मर्जी से एक ऐसी लड़की से शादी करना चाहते थे जो शर्मीली और सादगी पसंद हो. फिल्म में प्राण, अनुप कुमार और नाज़िर हुसैन जैसे कलाकारों ने भी अभिनय किया था.
1964 में रिलीज हुई थी फिल्म 'कश्मीर की कली'
'कश्मीर की कली' 24 अप्रैल 1964 को रिलीज हुई थी. इस फिल्म में रोमांस और कॉमेडी थी. फिल्म से जुड़ा एक किस्सा है कि शूटिंग के दौरान कश्मीर में लगातार बारिश होने के कारण काम 21 दिनों तक शूटिंग रुक गई थी. इस फिल्म में शर्मीला टैगोर की उम्र महज 20 साल थी, जबकि शम्मी कपूर उस वक्त 33 साल के थे. लेकिन इसके बावजूद भी उन दोनों की केमिस्ट्री दर्शकों को बेहद पसंद आई थी.
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