जब भी बॉलीवुड के खूबसूरत और सदाबहार गीतों की जिक्र आता है, तो लता मंगेशकर का नाम सबसे पहले लिया जाता है. उनकी सुरीली आवाज का जादू कुछ ऐसा था कि उनका गाया हर गाना लोगों के दिलों तक पहुंच जाता था. लता जी ने कई दशकों तक हजारों गाने गाए और कई ऐसे भी गीत गाए जो आज भी लोगों के जहन में बसे हुए हैं. यही वजह है कि उन्हें भारत की 'स्वर कोकिला' कहा जाता है.
आज हम लता जी के गाए एक ऐसे ही गाने की बात करेंगे जो आज भी लोगों की यादों में ताजा बना हुआ है. शादी-ब्याह, संगीत समारोहों और पारिवारिक आयोजनों में आज भी ये गाना जरूर बजता है. आपको बता दें कि लता जी अपने गानों को लेकर बहुत ही चूजी मानी जाती थीं. ऐसा कहा जाता है कि वो वही गाना गाती थीं, जिसका म्यूजिक, गाने के बोल उनको पसंद आते थे. उनके बारे में एक ऐसा ही दिलचस्प किस्सा है साल 1969 में आई फिल्म 'दो रास्ते' के फेमस गाने 'बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी' से जुड़ा हुआ है.
मुमताज का सदाबहार गाना
राजेश खन्ना और मुमताज की ये फिल्म ब्लॉकबस्टर थी. इसके साथ ही इसका सदाबहार गीत ‘बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी'आज भी लोगों को बखूबी याद है. इस गाने में राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी ने स्क्रीन पर अपनी केमिस्ट्री से ऐसा जादू बिखेरा की दर्शक आज भी इसे बड़े चाव से देखते और सुनते हैं. जबकि लता मंगेशकर की मधुर आवाज ने इसे हमेशा के लिए यादगार बना दिया.
लता मंगेशकर ने पहले गाना गाने से क्यों किया था मना
लता जी हमेशा ही अपने गानों को चुनते समय बहुत चीजों का ध्यान रखती थीं. ऐसा कहा जाता है कि जब लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल ये गाना लता जी के पास लेकर गए तो, उन्होंने इसे गाने से मना कर दिया. उनको लगा कि इस तरह की गाना उनके लिए काफी हल्का है. जिस वजह से उन्होंने इस गाने में खासा दिलचस्पी नहीं दिखाई.
हालांकि, जब उन्होंने इस गाने की रिकॉर्डिंग की, तो अपनी आवाज के जादू से इसमें ऐसी जान डाली की ये उनके करियर के सबसे यादगार गानों में शामिल हो गया. गाने के बीच में सुनाई देने वाली उनकी हंसी और खिलखिलाहट आज भी इस गाने की पहचान बनी हुई है.
फिल्मफेयर तक पहुंचा गाना
‘बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी' गाना इतना पसंद किया गया कि इस गाने के लिए लता मंगेशकर जी को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड भी मिला था.
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