केरल का सबसे बड़ा त्योहार ओणम पूरे जोर-शोर से मनाया जा रहा है. 16 अगस्त को आथम से शुरू हुए 10 दिन के उत्सव का मुख्य दिन थिरुवोणम 26 अगस्त को है. इस मौके पर घरों में फूलों की सजावट, नौका दौड़, पारंपरिक नृत्य और भव्य ओणसद्य भोजन की तैयारियां चल रही हैं. खुशियों के इसी माहौल के बीच 49 साल पुराना सदाबहार गाना फिर से सुनाई देने लगा है. ये ओणम सॉन्ग है 'पूविली पूविली पोन्नोणमायी.' यह गाना न सिर्फ ओणम के पूरे भाव को अपने में समेट हुए है बल्कि मलयालम सिनेमा के स्वर्ण युग की याद भी दिलाता है.
यह लोकप्रिय ओणम स्पेशल सॉन्ग 1977 की मलयालम फिल्म ‘विशुक्कणि' से है. फिल्म का निर्देशन जे. शशिकुमार ने किया था और निर्माण आर.एम. सुंदरम के बैनर आरएमएस प्रोडक्शंस के तहत हुआ. यह तमिल फिल्म ‘कर्पगम' (1963) की रीमेक थी. फिल्म में लीड रोल में प्रेम नजीर, शारदा, विधुबाला, थिक्कुरिस्सी सुकुमारन नायर, अदूर भासी, शंकरादी और एम.जी. सोमन नजर आए थे.
724 फिल्में करने वाला हीरो की है फिल्म
प्रेम नजीर को मलयालम सिनेमा का 'एवरग्रीन हीरो' कहा जाता है. प्रेम 724 फिल्मों में नजर आए और लीड हीरो के तौर पर सबसे ज्यादा फिल्में करने की वजह से उनका नाम गिनेज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है. उन्होंने 724 फिल्मों में सभी में लीड रोल किया. 1979 में उनकी 39 फिल्में रिलीज हुई थीं. ये भी एक रिकॉर्ड है कि एक ही साल में किसी हीरो की इतना फिल्में रिलीज हुईं. उन्होंने 80 से ज्यादा हीरोइनों के साथ काम किया. यही नहीं, एक्ट्रेस शीला के साथ उन्होंने 110 फिल्मों में काम किया.
ओणम के मौके को खास बनाता है 'पूविली पूविली पोन्नोणमायी'
ओणम के इस मशहूर गाने को गीतकार श्रीकुमारन थंपी ने लिखा था जबकि इसका संगीत सलिल चौधरी ने दिया. इसे के.जे. येसुदास ने गाया. गाने के बोल फूलों की खुशबू, सुनहरे ओणम, थुंबी (मधुमक्खी) और फसल की खुशियों से जुड़ा हुआ है, पूविली पूविली पोन्नोणमायी, नी वरू नी वरू पोन्नोण थुंबी.' यह ओणम की समृद्धि, प्रकृति और महाराजा महाबली के स्वागत का प्रतीक बन गया. 'विशुक्कणि' उस दौर की एक सफल फिल्म मानी जाती है और इसकी कामयाबी में इसके गानों का बहुत योगदान था.
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