बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में आई हैं जो साउथ की फिल्मों का रीमेक होती हैं. आज हम एक ऐसी ही बॉलीवुड फिल्म के बारे में बात करेंगे जो साल 1981 में आई थी. कमस हसन और रति कि फिल्म 'एक-दूजे के लिए' इस फिल्म को कई रिजेक्शन मिले, लेकिन जब ये फिल्म रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया. इस फिल्म की कहानी जितनी यादगार थी, उतना ही दिलचस्प इसका एक गाना भी था. इस गाने की खासियत थी कि इसमें लगभग 30 से ज्यादा फिल्मों के नाम को बेहतरीन तरीके से कंपाइल करके तैयार किया गया था. लेकिन इस गाने को आनंद बख्शी ने इस तरह से तैयार किया कि इसको सुनने वाले को पता ही नही चलता कि वो गाना सुन रहा है या फिल्मों के नामों की एक मजेदार लड़ी है. इस पूरे गाने को लिफ्ट के अंदर शूट किया गया था. ना कोई फैंसी लोकेशन, ना कोई इफेक्ट बिल्कुल सिंपल और ये गाना रातों-रात लोगों की पसंद बन गया.
साल 1981 में आई फिल्म 'एक दूजे के लिए' की कहानी जितनी यादगार थी, उतना ही दिलचस्प इसका एक गाना भी था. गाना था 'मेरे जीवन साथी', लेकिन इसमें आम गानों की तरह प्यार-मोहब्बत की लंबी कहानी नहीं सुनाई गई. आनंद बख्शी ने बड़ी चालाकी और खूबसूरती से एक के बाद एक हिंदी फिल्मों के नामों को ही गाने के बोल बना दिया. 'जवानी दीवानी', 'खूबसूरत', 'जिद्दी', 'पड़ोसन', 'सत्यम शिवम सुंदरम', 'आवारा' जैसे कई फिल्म टाइटल इसमें ऐसे पिरोए गए कि सुनने वाले को पता ही नहीं चलता कि वह गाना सुन रहा है या फिल्मों के नामों की एक मजेदार लड़ी. गाने को एस.पी. बालासुब्रमण्यम और अनुराधा पौडवाल ने आवाज दी थी.
लिफ्ट में शूट हुआ था पूरा गाना
फिल्म 'एक-दूजे कि लिए' का गाना 'मेरे जीवन साथी' की सबसे खास बात सिर्फ इसके बोल नहीं थे. यह गाना स्क्रीन पर कमल हासन और रति अग्निहोत्री पर फिल्माया गया था और इसे लिफ्ट के अंदर फिल्माए जाने के लिए भी याद किया जाता है. गाने में दोनों कलाकारों की मस्ती और बातचीत के अंदाज के बीच फिल्मों के नामों का इस्तेमाल इसे बाकी गानों से बिल्कुल अलग बना देता है. IMDb के ट्रिविया सेक्शन में भी इस गाने को लेकर खास तौर पर बताया गया है कि इसके बोल अलग-अलग बॉलीवुड फिल्मों के नामों से बने हैं.
इस गाने के बोल गीतकार आनंद बख्शी और संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था. इसे एस.पी. बालासुब्रमण्यम और अनुराधा पौडवाल ने अपनी आवाज से कल्ट बना दिया था. गाने के कुछ बोल फिल्म के निर्देशक के बालाचंद्र को समझ नहीं आए थे, जिसके बाद उन्होंने आनंद बख्शी को बुलाकर गाने के कुछ बोलों का मतलब पूछा था.
आनंद बख्शी ने फिल्मों के नामों से बना दिया पूरा गाना
सोचिए, एक गाने में 'जवानी दीवानी', 'खूबसूरत', 'जिद्दी', 'पड़ोसन', 'सत्यम शिवम सुंदरम', 'झूठा कहीं का', 'हरे रामा हरे कृष्णा', 'आवारा', 'जॉनी मेरा नाम', 'चोरी मेरा काम', 'राम और श्याम' जैसे फिल्म टाइटल लगातार आते जाएं और फिर भी गाना सुनने में अटपटा न लगे. यही आनंद बख्शी के लिखने की खासियत थी. 'मेरे जीवन साथी' के बोलों की शुरुआत 'मेरे जीवन साथी, प्यार किया जा…' से होती है और इसके बाद कई फेमस फिल्म टाइटल आते हैं.
पहली हिंदी फिल्म से स्टार बन गए थे कमल और रति
'एक दूजे के लिए' कमल हासन के लिए हिंदी सिनेमा में बड़ा कदम थी. फिल्म में उनके साथ रति अग्निहोत्री नजर आई थीं. दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और फिल्म ने दोनों कलाकारों को हिंदी सिनेमा में पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई. IMDb के ट्रिविया रिकॉर्ड में कमल हासन, रति अग्निहोत्री और माधवी के हिंदी फिल्मों में डेब्यू के बारे में भी बताया गया है.
5 जून 1981 को रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया. फिल्म ने करीब 10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया और 1981 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही.
फिल्म के गाने भी खूब पसंद किए गए. खास तौर पर 'मेरे जीवन साथी' आज भी इसलिए याद किया जाता है क्योंकि आनंद बख्शी ने जिस तरह फिल्मों के नामों को गाने की लाइन की तरह इस्तेमाल किया, वह आइडिया अपने आप में बेहद अनोखा था. यही वजह है कि चार दशक से ज्यादा समय बाद भी जब पुराने हिंदी गानों की अनोखी कहानियां सामने आती हैं, तो 'मेरे जीवन साथी' का नाम जरूर लिया जाता है.
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