हिंदी सिनेमा को गहराई देने और साहित्यिक तौर पर इतना मजबूत बनाने में महान लेखकों, शायरों और साहित्यकारों का बड़ा हाथ रहा है. इसी पर रौशनी डालते हुए हम आज बात करेंगे 72 साल पुराने एक गाने की जिसे दाग देहलवी ने अपनी कलम से लिखा था. अपनी उर्दू गजलों के लिए मशहूर देहलवी ने कई बेहतरीन नगमे लिखे जिनमें से कई फिल्मों में भी इस्तेमाल हुए. आज जिस गाने की हम बात करने जा रहे हैं वह उन्हीं में से एक है.
बाजूबंद में लता मंगेशकर ने गाया था दाग देहलवी लिखा तराना
साल 1954 में बाजूबंद नाम से एक फिल्म आई थी. इस फिल्म में बलराज साहनी, सुलोचना चटर्जी, रूपमाला अनवर, ओम प्रकाश, रमेश कपूर और सिंदूरा भारद्वाज अहम किरदारों में थे. इस फिल्म का गाना 'आरजू है कि निकले दम तुम्हारे सामने' उस दौर में खूब पसंद किया गया. गाने का संगीत मोहम्मद शफी ने तैयार किया था और लता मंदेशकर ने अपनी अवाजा से इसे क्लासिक बना दिया.
रामानंद सागर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में शानदार गाने थे, पॉपुलर स्टार कास्ट थी लेकिन बावजूद इसके ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर करिश्मा करने में असफल रही और फ्लॉप कहलाई थी. रामानंद सागर 1949 से 1985 तक फिल्मों में सक्रीय रहे. इसके बाद 1985 से उन्होंने छोटे पर्दे का रुख किया और विक्रम और बेताल, दादा दादी की कहानियां, रामायण, लव कुश, अलिफ लैला, संसार जैसी हिट टीवी सीरीज दीं.
क्लैपर बॉय के तौर पर हुई थी करियर की शुरुआत
1932 में रामानंद सागर ने एक साइलेंट फिल्म 'रेडर्स ऑफ द रेल रोड' में क्लैपर बॉय के तौर पर अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की. बंटवारे के बाद 1949 में वे बॉम्बे चले गए. इससे पहले 1944 में उन्होंने रूप के.शौरी की डायरेक्ट की हुई पंजाबी फिल्म 'कोयल' में काम किया. यह फिल्म लाहौर में बनी थी और इसे शौरी पिक्चर्स ने शुक्रवार,24 नवंबर को रिलीज किया था. 1940 के दशक में सागर ने पृथ्वीराज कपूर के पृथ्वी थिएटर्स में असिस्टेंट स्टेज मैनेजर के तौर पर काम शुरू किया. उन्होंने कपूर की देखरेख में कुछ नाटक डायरेक्ट किए. सागर ने राज कपूर की सुपरहिट फिल्म 'बरसात' की कहानी और पटकथा भी लिखी. उन्होंने खुद 'बाजूबंद' और 'मेहमान' जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया जो बॉक्स-ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रहीं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं