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37 साल पहले अनुराधा पौडवाल ने गाया ऐसा गाना, गुलशन कुमार को सिर्फ उसके लिए बनानी पड़ीं 3 फिल्में

37 साल पहले आए एक गाने ने संगीत की दुनिया में ऐसा तहलका मचाया कि प्रोड्यूसर को उसके दम पर तीन फिल्में बनानी पड़ीं. इस अनोखे एक्सपेरिमेंट ने अनुराधा पौडवाल के करियर को नई पहचान दी.

37 साल पहले अनुराधा पौडवाल ने गाया ऐसा गाना, गुलशन कुमार को सिर्फ उसके लिए बनानी पड़ीं 3 फिल्में
अनुराधा पौडवाल का वो सुपरहिट गाना! जिस पर बनी 3 फिल्में
नई दिल्ली:

बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसे गाने हैं, जिन्होंने सिर्फ चार्टबस्टर बनकर नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री की सोच बदलकर रख दी. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कोई एक गाना इतना बड़ा हिट हो जाए कि उसकी पॉपुलैरिटी देखकर प्रोड्यूसर को उसी के सहारे एक नहीं, बल्कि तीन-तीन फिल्में बनानी पड़ जाएं? यह सुनने में भले ही किसी फिल्मी कहानी जैसा लगे, लेकिन ऐसा सचमुच हुआ था. यह दिलचस्प किस्सा है अपनी मधुर आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वालीं अनुराधा पौडवाल और टी-सीरीज के फाउंडर गुलशन कुमार का. इस अनोखी कहानी की शुरुआत हुई थी सुपरहिट गाने 'क्या करते थे साजना' से.

एक गाने ने बदल दी गुलशन कुमार की सोच

अनुराधा पौडवाल ने एक इंटरव्यू में इस दिलचस्प किस्से का जिक्र किया था. उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में गुलशन कुमार कैसेट की बिक्री बढ़ाने के लिए लोकप्रिय गानों के अलग-अलग वर्जन रिकॉर्ड करवाते थे. एक दिन अनुराधा ने उन्हें सलाह दी कि अगर ओरिजिनल गाने रिकॉर्ड किए जाएं, तो लोग उन्हें और ज्यादा पसंद करेंगे.

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पहले तो गुलशन कुमार ने सवाल उठाया कि आखिर ओरिजिनल गाने कौन देगा? इस पर अनुराधा ने भरोसा दिलाया और संगीतकार आनंद-मिलिंद के साथ मिलकर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी को जोड़ा. इसके बाद जो पहला गाना तैयार हुआ, वह था 'क्या करते थे साजना'. इसी रिकॉर्डिंग सेशन में एक और गाना भी रिकॉर्ड किया गया. जब ये गाने रेडियो पर बजने लगे तो लोगों को काफी पसंद आए और दोनों गाने जबरदस्त हिट साबित हुए.

हिट गानों के दम पर बन गईं तीन फिल्में

गानों की बंपर सफलता देखकर गुलशन कुमार के दिमाग में एक अनोखा आइडिया आया. उन्होंने सोचा कि अगर इन गानों के बीच छोटी-छोटी कहानी जोड़ दी जाए, तो इन्हें फिल्म का रूप दिया जा सकता है. इसी सोच के साथ तीन फिल्मों का निर्माण किया गया, जिनका मकसद इन गानों को बड़े पर्दे तक पहुंचाना था. इन फिल्मों में 'लाल दुपट्टा मलमल का' (1989), 'जीना तेरी गली में' (1991) और 'आई मिलन की रात' (1991) शामिल हैं. इन फिल्मों के गानों ने भी दर्शकों के बीच खूब लोकप्रियता हासिल की और अनुराधा पौडवाल की आवाज घर-घर तक पहुंच गई. अनुराधा पौडवाल ने अपने करियर में करीब 9 हजार गानों को आवाज दी, जिनमें लगभग 1500 भजन शामिल हैं. उनके ज्यादातर भजन टी-सीरीज के बैनर तले रिकॉर्ड हुए. 

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