90s के दौर में कुछ गाने ऐसे थे, जिन्हें सुनते ही पूरा माहौल बदल जाता था. ऐसा ही एक गाना था ‘सरकाई लो खटिया', जो 1994 में आई फिल्म ‘राजा बाबू' का हिस्सा था. गोविंदा और करिश्मा कपूर पर फिल्माए गए इस गाने ने अपनी मस्तीभरी धुन और मजेदार अंदाज से खूब लोकप्रियता हासिल की. कुमार सानू और पूर्णिमा की आवाज में यह गाना लोगों की जुबान पर चढ़ गया. लेकिन इसकी कहानी सिर्फ हंसी-मजाक और डांस तक सीमित नहीं थी. गाने के बोल और फिल्मांकन को लेकर सवाल भी उठे. आज 32 साल बाद भी यह गाना 90s के यादगार गानों में शामिल है.
1994 में आई थी ‘राजा बाबू'
‘सरकाई लो खटिया' फिल्म ‘राजा बाबू' का गाना है, जो 1994 में रिलीज हुई थी. फिल्म का निर्देशन डेविड धवन ने किया था और इसमें गोविंदा, करिश्मा कपूर, कादर खान, अरुणा ईरानी और प्रेम चोपड़ा जैसे कलाकार नजर आए थे. गाने को कुमार सानू और पूर्णिमा ने गाया था, जबकि संगीत आनंद-मिलिंद ने दिया था और बोल समीर ने लिखे थे.
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गाने के बोल पर हुआ था विवाद
गाना रिलीज होने के बाद इसके बोल को लेकर विवाद हुआ. कुछ लोगों ने इसे डबल मीनिंग और आपत्तिजनक बताया. 2025 में गीतकार समीर अंजान ने इस गाने पर बात करते हुए कहा कि यह गाना लोक कलाकारों की परंपरा से प्रेरित था. उन्होंने यह भी कहा कि गाने को जिस तरह फिल्माया गया, उससे उसका अर्थ ज्यादा उत्तेजक लगने लगा. समीर ने गाने के बोलों को लेकर उठे सवालों पर अपनी सफाई दी.
पुराने लोक अंदाज से बना फिल्मी गाना
इस गाने से जुड़ा एक दिलचस्प ट्रिविया यह है कि ‘सरकाई लो खटिया' पहले से प्रचलित एक लोक अंदाज के गाने से प्रेरित था. एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म का यह ट्रैक रवि बी और कर्मा द बैंड के एक पुराने गाने से प्रेरित था. यानी फिल्मी गाने की लोकप्रियता के पीछे सिर्फ सितारों का डांस नहीं, बल्कि लोक संगीत की जड़ें भी थीं.
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आज भी जब 90s के मस्तीभरे गानों की बात होती है, तो ‘सरकाई लो खटिया' का नाम जरूर आता है. गोविंदा-करिश्मा की जोड़ी, कुमार सानू-पूर्णिमा की आवाज और आनंद-मिलिंद का संगीत इसे उस दौर की खास पहचान बनाते हैं. गाने को लेकर विवाद हुआ, लेकिन इसकी लोकप्रियता कम नहीं हुई.
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