1995 में रिलीज हुई फिल्म ‘बॉम्बे' का गाना ‘कहना ही क्या' आज भी 90 के दशक के यादगार गानों में शामिल है. एआर रहमान के संगीत और केएस चित्रा की आवाज ने इस गीत को अलग पहचान दी. गाने में मनीषा कोइराला की सादगी और मासूमियत भी खूब पसंद की गई. फिल्म में वह अरविंद स्वामी के साथ नजर आई थीं. यह गाना दरअसल तमिल फिल्म ‘बॉम्बे' के गीत ‘कन्नलाने' का हिंदी वर्जन है. दोनों भाषाओं में इसे खूब पसंद किया गया. खास बात यह है कि ‘कहना ही क्या' को द गार्जियन की ‘1000 Songs Everyone Must Hear' सूची में भी जगह मिली.
पहली नजर के प्यार को खूबसूरती से दिखाया
‘कहना ही क्या' फिल्म के एक शादी समारोह वाले सीक्वेंस में आता है. इसी दौरान मनीषा कोइराला और अरविंद स्वामी के किरदार पहली बार एक-दूसरे को देखते हैं. दोनों के बीच पहली नजर में प्यार का एहसास दिखाया गया है. मनीषा का डांस और उनके चेहरे के भाव गाने की कहानी को आगे बढ़ाते हैं. गाने की खूबसूरती यह है कि इसमें प्यार को बड़े संवादों के बजाय नजरों और भावनाओं के जरिए दिखाया गया है. गाने को केएस चित्रा ने आवाज दी. इसके संगीतकार एआर रहमान थे और हिंदी बोल मशहूर गीतकार मेहबूब ने लिखे थे. ‘कहना ही क्या' की रिकॉर्डिंग में रहमान के साथ कुछ अन्य कलाकारों की आवाजें भी शामिल थीं.
तमिल वर्जन भी रहा बेहद खास
‘कहना ही क्या' का मूल तमिल गीत ‘कन्नलाने' था. ‘बॉम्बे' का तमिल वर्जन हिंदी से पहले दिसंबर 1994 में रिलीज हुआ था. इसके बाद 1995 में फिल्म और इसका संगीत हिंदी और तेलुगु में भी आया. तमिल गीत के बोल वैरामुथु ने लिखे थे. ‘कन्नलाने' को भी केएस चित्रा ने गाया था और इसमें एआर रहमान की आवाज भी सुनाई देती है. ‘कन्नलाने' की धुन में कव्वाली और सूफी संगीत का असर बताया जाता है. इस गाने के लिए केएस चित्रा को तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर भी मिला. इस तरह एक ही धुन ने हिंदी और तमिल, दोनों भाषाओं में अपनी खास जगह बनाई.
‘बॉम्बे' की कहानी और गानों की खासियत
‘बॉम्बे' का निर्देशन मणि रत्नम ने किया था. फिल्म में अरविंद स्वामी और मनीषा कोइराला मुख्य भूमिका में थे. कहानी अलग धर्मों से आने वाले दो युवाओं की प्रेम कहानी से शुरू होती है. दोनों शादी करके मुंबई आ जाते हैं. इसके बाद फिल्म सांप्रदायिक तनाव और 1992-93 के मुंबई दंगों की पृष्ठभूमि में परिवार और रिश्तों पर पड़ने वाले असर को दिखाती है. फिल्म का संगीत भी इसकी सबसे बड़ी ताकतों में रहा. ‘कहना ही क्या', ‘तू ही रे', ‘हम्मा हम्मा' और ‘बॉम्बे थीम' जैसे गाने आज भी याद किए जाते हैं. एआर रहमान के इस साउंडट्रैक को द गार्जियन की ‘1000 Albums to Hear Before You Die' सूची में भी शामिल किया गया था.
‘कहना ही क्या' की लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही. इसके हिंदी वर्जन को अमेरिकी सिंगर सियारा ने 2009 के अपने गाने ‘Turntables' में सैंपल किया था. यही वजह है कि तीन दशक बाद भी यह गीत सिर्फ 90s की याद नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत की अंतरराष्ट्रीय पहचान का हिस्सा माना जाता है.
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