हिंदी सिनेमा में शर्मिला टैगोर का नाम उन अभिनेत्रियों में लिया जाता है, जिन्होंने ग्लैमर के साथ दमदार अभिनय से भी अपनी पहचान बनाई. साल 1969 उनके करियर के लिए बेहद खास रहा. इस साल उनकी पांच हिंदी फिल्में रिलीज हुईं. इनमें राजेश खन्ना के साथ ‘आराधना', धर्मेंद्र के साथ ‘सत्यकाम' और ‘यकीन', राजेंद्र कुमार के साथ ‘तलाश' और सुनील दत्त के साथ ‘प्यासी शाम' शामिल थीं. ‘आराधना' ने तो उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी. खास बात यह है कि इसी दौर को लेकर शर्मिला टैगोर ने एक इंटरव्यू में अपनी प्रेग्नेंसी से जुड़ी दिलचस्प बात भी बताई थी. हालांकि, अलग-अलग इंटरव्यू में उन्होंने इस बारे में अलग बयान दिए हैं.
1969 में आईं शर्मिला की पांच फिल्में
साल 1969 शर्मिला टैगोर के लिए काफी व्यस्त रहा. उनकी फिल्म ‘आराधना' में उनके साथ राजेश खन्ना थे. फिल्म का निर्देशन शक्ति सामंत ने किया था. ‘आराधना' बड़ी हिट साबित हुई. इस फिल्म के लिए शर्मिला टैगोर को फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला. फिल्म को उस साल की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में गिना गया.
इसी साल वह ‘सत्यकाम' में धर्मेंद्र के साथ नजर आईं. फिल्म का निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था. इसमें अशोक कुमार और संजीव कुमार भी अहम भूमिकाओं में थे. इसके अलावा ‘यकीन' में भी उनकी जोड़ी धर्मेंद्र के साथ बनी. फिल्म का निर्देशन बृज सदाना ने किया था.
‘तलाश' में शर्मिला के साथ राजेंद्र कुमार थे. वहीं ‘प्यासी शाम' में वह सुनील दत्त और फिरोज खान के साथ नजर आईं. ‘प्यासी शाम' 23 दिसंबर 1969 को रिलीज हुई थी.
सैफ को लेकर कही थी प्रेग्नेंसी की बात
शर्मिला टैगोर और राजेश खन्ना की जोड़ी उस दौर की चर्चित जोड़ियों में थी. दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया. एक हालिया बातचीत में शर्मिला ने बताया था कि ‘आराधना' के दौरान वह सैफ अली खान से प्रेग्नेंट थीं. उन्होंने राजेश खन्ना के साथ काम करने के दौरान आने वाली कुछ दिक्कतों का भी जिक्र किया था.
25 साल की उम्र में बना रहीं थीं पहचान
शर्मिला टैगोर का जन्म 8 दिसंबर 1944 को हुआ था. ऐसे में 1969 में उनकी उम्र करीब 24-25 साल थी. इतनी कम उम्र में वह हिंदी सिनेमा की बड़ी अभिनेत्रियों में शामिल हो चुकी थीं. ‘आराधना' ने उन्हें स्टारडम की नई ऊंचाई दी. उनकी जोड़ी राजेश खन्ना के साथ खूब पसंद की गई. धर्मेंद्र के साथ भी उन्होंने कई यादगार फिल्में कीं.
1969 का साल इसलिए भी खास है क्योंकि एक ही साल में शर्मिला टैगोर ने अलग-अलग कलाकारों के साथ पांच फिल्मों में काम किया. रोमांस से लेकर गंभीर कहानी तक, उन्होंने अपनी अदाकारी के कई रंग दिखाए. यही वजह है कि 1969 को शर्मिला टैगोर के करियर के सबसे खास दौर में गिना जाता है.
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