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2003 के महाकुंभ मेले ने चमका दी थी इरफान खान की किस्मत, मेले की एक फुटेज के बाद बन गए थे सुपरस्टार

फिल्म अभिनेता इरफान खान हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका जाना इंडस्ट्री के लिए एक ऐसा खालीपन है जिसे कोई एक्टर नहीं भर सकता. फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े उनके दोस्त और तमाम निर्देशक आज भी उन्हें याद कर भावुक हो जाते हैं.

2003 के महाकुंभ मेले ने चमका दी थी इरफान खान की किस्मत, मेले की एक फुटेज के बाद बन गए थे सुपरस्टार
2003 के महाकुंभ मेले ने चमका दी थी इरफान खान की किस्मत

फिल्म अभिनेता इरफान खान हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका जाना इंडस्ट्री के लिए एक ऐसा खालीपन है जिसे कोई एक्टर नहीं भर सकता. फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े उनके दोस्त और तमाम निर्देशक आज भी उन्हें याद कर भावुक हो जाते हैं. गुनाह, मकबूल, धुंध, रोग, लाइफ इन अ मेट्रो, पीकू जैसी तमाम ऐसी फिल्में हैं जिनमें इरफान ने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. ऐसी ही एक फिल्म थी ‘हासिल', जो एक्टर के शुरुआती दिनों की फिल्मों में से एक थी. इस फिल्म में एक्टर ने नेगेटिव रोल निभाया था जो लोगों को इतना पसंद आया था कि इसके लिए उन्हें बेस्ट एक्टर इन नेगेटिव रोल के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड दिया गया था. फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक मशहूर किस्सा है निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने एक इंटरव्यू में बताया है.

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कोई नहीं था पैसे लगाने को तैयार

तिग्मांशु धूलिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि कोई भी इस फिल्म को कोई प्रोड्यूस नहीं करना चाहता था, हालांकि इसकी कहानी सबको पसंद आई थी. तब धूलिया के थिएटर ग्रुप के दोस्तों ने आगे आकर उनके लिए पैसे का इंतजाम किया जिसके बाद वो इलाहाबाद गए और वहां चल रहे 'महाकुंभ मेले' के दौरान फिल्म का क्लाइमेक्स शूट किया. ये मेला हर 12 साल में एक बार ही लगता है. शूट किए गए फुटेज को बाद में अलग-अलग प्रोड्यूसर को दिखाया गया, और आखिरकार धूलिया को पूरी फिल्म शूट करने के लिए जरूरी फाइनेंशियल सपोर्ट मिला.

इरफान से पहले इस एक्टर को ऑफर हुई थी फिल्म

आपको बता दें कि इस फिल्म के लिए इरफान खान को 'नेगेटिव रोल में बेस्ट एक्टर' का पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. इरफान खान से पहले मनोज बाजपेयी को इस रोल का ऑफर दिया गया था. लेकिन मनोज विलेन का रोल नहीं करना चाहते थे इसलिए उन्होंने ये रोल ठुकरा दिया और तब जाकर ये रोल इरफान खान की झोली में गया और हमेशा के लिए अमर हो गया. आपको बता दें कि इस फिल्म का निर्देशन तिग्मांशु धूलिया ने ही किया गया था. तिग्मांशु और इरफान एक दूसरे के काफी अच्छे दोस्त थे.

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