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17 साल पुराना वो गाना, रिलीज से 29 साल पहले ही मदन मोहन ने तैयार कर ली थी धुन, मौत के बाद लता-रूप कुमार राठोड़ ने बना डाला यादगार

एक धुन, जो करीब तीन दशक तक बंद टेपों में दफ्न रही... एक संगीतकार, जो उसे दुनिया को सुनाने से पहले ही इस दुनिया से चला गया. फिर सालों बाद उसी धुन ने वीर-ज़ारा के सबसे भावुक और अमर गीत को जन्म दिया.

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वीर जारा के सभी गाने आज भी हैं ब्लॉकबस्टर

‘तेरे लिए हम हैं जिए, होंठों को सीए…' ये पंक्तियां सुनते ही फिल्म ‘वीर जारा' की प्रेम कहानी आंखों के सामने आ जाती है. लता मंगेशकर और रूप कुमार राठौड़ की आवाज में सजा यह गीत आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे भावुक रोमांटिक गानों में गिना जाता है. लेकिन इस गाने की कहानी फिल्म के रिलीज होने से कई दशक पहले शुरू हो चुकी थी. खास बात यह है कि इसकी मूल धुन महान संगीतकार मदन मोहन ने अपने जीवनकाल में तैयार की थी. 2004 में रिलीज हुई ‘वीर जारा' के लिए उनके निधन के करीब तीन दशक बाद इस धुन को नया रूप दिया गया और जावेद अख्तर ने इसके लिए नए बोल लिखे. 

‘दिल ढूंढता है' के लिए बनाई थी धुन

‘तेरे लिए' की कहानी बेहद दिलचस्प है. मदन मोहन ने 1974 में फिल्म ‘मौसम' के लिए मशहूर गीत ‘दिल ढूंढता है' की अलग-अलग धुनें तैयार की थीं. इनमें एक धुन गाने के उदास वर्जन के लिए बनाई गई थी, लेकिन बाद में उसका इस्तेमाल नहीं हुआ. यही धुन कई साल बाद ‘वीर जारा' के थीम सॉन्ग ‘तेरे लिए' की नींव बनी. यानी जिस धुन ने 2004 में प्रेम और विरह की नई पहचान बनाई, वह लगभग तीन दशक पहले ही मदन मोहन के संगीत संसार में जन्म ले चुकी थी. 

गाना सुनने के लिए यहां क्लिक करें 

मदन मोहन का निधन 1975 में हुआ था. उनके जाने के बाद उनकी कई अप्रयुक्त धुनें स्पूल्स में सुरक्षित मिलीं. उनके बेटे संजीव कोहली ने इन धुनों को संभाला और बाद में यश चोपड़ा को सुनाया. ‘वीर जारा' के लिए सैकड़ों पुरानी धुनों में से करीब 30 को चुना गया और उनमें से नौ को फिल्म के गीतों के लिए अंतिम रूप दिया गया. 

लता मंगेशकर ने यादों के साथ गाया

‘तेरे लिए' की रिकॉर्डिंग लता मंगेशकर के लिए भी भावुक अनुभव थी. मदन मोहन और लता मंगेशकर की जोड़ी हिंदी फिल्म संगीत की बेहद लोकप्रिय जोड़ियों में रही थी. आधिकारिक ‘मेकिंग ऑफ' के मुताबिक, रिकॉर्डिंग के दौरान लता जी मूल धुन और मदन मोहन की आवाज सुनकर भावुक हो जाती थीं. कभी-कभी रिकॉर्डिंग भी रोकनी पड़ती थी. उस समय लता मंगेशकर 75 वर्ष की थीं, फिर भी उन्होंने इस खास प्रोजेक्ट के लिए अपनी आवाज दी. 

जावेद अख्तर ने पुरानी धुन को दिए नए बोल

मदन मोहन की मूल धुन को जस का तस इस्तेमाल करने के बजाय उसे ‘वीर जारा' की कहानी और किरदारों के मुताबिक ढाला गया. जावेद अख्तर ने मूल धुन के मीटर को ध्यान में रखते हुए नए बोल लिखे. गाने में लता मंगेशकर के साथ रूप कुमार राठौड़ की आवाज ने प्रेम, इंतजार और जुदाई के एहसास को और गहरा कर दिया. यशराज फिल्म्स के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, ‘तेरे लिए' के संगीतकार स्वर्गीय मदन मोहन, गीतकार जावेद अख्तर और गायक लता मंगेशकर व रूप कुमार राठौड़ हैं. 

इस तरह ‘तेरे लिए' सिर्फ ‘वीर जारा' का एक रोमांटिक गीत नहीं रहा, बल्कि यह उस संगीतकार की विरासत भी बन गया, जिसकी धुन ने उनके निधन के करीब 30 साल बाद एक नई फिल्म में फिर से जिंदगी पाई. यही वजह है कि आज भी इस गाने को सुनने पर इसमें एक साथ पुरानी धुन की मिठास और ‘वीर जारा' की प्रेम कहानी की कसक महसूस होती है.

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