साल 1973 में जब राज कपूर की फिल्म ‘बॉबी' रिलीज हुई, तब 16 साल की डिम्पल कपाड़िया ने अपनी मासूमियत और खूबसूरती से हर किसी का ध्यान खींच लिया था. फिल्म में उनके साथ ऋषि कपूर नजर आए थे और दोनों की प्रेम कहानी खूब पसंद की गई. इसी फिल्म का एक ऐसा गाना भी था, जिसमें मोहब्बत के दर्द और टूटे दिल की आवाज सुनाई देती थी. गाना था ‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो', जिसे नरेंद्र चंचल ने अपनी दमदार आवाज दी थी. गाने के बोल प्यार को हर चीज से ऊपर रखते हैं और यही वजह है कि दशकों बाद भी यह गीत सुनने वालों के दिल को छू जाता है.
‘बॉबी' में डिम्पल-ऋषि की प्रेम कहानी का दर्द
‘बॉबी' राज कपूर की निर्देशित और निर्मित फिल्म थी, जिसमें उनके बेटे ऋषि कपूर ने लीड रोल में डेब्यू किया था. उनके अपोजिट डिम्पल कपाड़िया को कास्ट किया गया, जिनकी उम्र उस समय सिर्फ 16 साल थी. फिल्म में ऋषि ने राज और डिम्पल ने बॉबी का किरदार निभाया. दोनों अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन एक-दूसरे से प्यार कर बैठते हैं.
‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो' इसी प्रेम कहानी के दर्द को और गहरा करता है. इसे नरेंद्र चंचल ने गाया, जबकि संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था और गीत के बोल राजकवि इंद्रजीत सिंह तुलसी ने लिखे थे. गाने की खासियत यह है कि इसमें प्रेम को इंसान के दिल से जोड़ा गया है.
नरेंद्र चंचल के करियर का बना बड़ा मोड़
नरेंद्र चंचल की पहचान आगे चलकर भक्ति गीतों और माता की भेंटों के लिए सबसे ज्यादा हुई, लेकिन हिंदी फिल्मों में उनका पहला बड़ा पहचान बनाने वाला गीत ‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो' ही था. उनकी आवाज में मौजूद दर्द और ऊंचे सुरों ने इस गाने को अलग अंदाज दिया. सबसे खास बात यह रही कि इस गीत के लिए नरेंद्र चंचल को 1974 के फिल्मफेयर अवॉर्ड में बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का पुरस्कार मिला. उसी समारोह में ऋषि कपूर को बेस्ट एक्टर और डिम्पल कपाड़िया को बेस्ट एक्ट्रेस का सम्मान मिला था.
‘बॉबी' ने बॉक्स ऑफिस पर भी मचाई धूम
‘बॉबी' सिर्फ अपने गानों और प्रेम कहानी की वजह से ही यादगार नहीं बनी, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी जबरदस्त सफल रही. फिल्म 28/29 सितंबर 1973 को रिलीज हुई और 1973 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में शीर्ष पर रही. अलग-अलग बॉक्स ऑफिस स्रोतों में आंकड़ों में अंतर मिलता है. बॉलीवुड हंगामा के अनुसार फिल्म का इंडिया कलेक्शन करीब 5.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि अन्य स्रोतों में भारत का ग्रॉस और वर्ल्डवाइड कलेक्शन इससे काफी ज्यादा बताया गया है.
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फिल्म की सफलता के साथ ‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो' भी अमर हो गया. प्यार, जुदाई और दिल के दर्द को आवाज देता यह गीत आज भी ‘बॉबी' के सबसे अलग और यादगार गानों में गिना जाता है. नरेंद्र चंचल की बुलंद आवाज ने इसे ऐसा असर दिया कि गीत सुनते ही पुराने दौर की मोहब्बत और उसका दर्द दोनों महसूस होने लगते हैं.
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