बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद देशभर में बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर आक्रोश है. वहीं भोजपुरी इंडस्ट्री की पॉपुलर अदाकारा और सिंगर अक्षरा सिंह (Akshara Singh) ने भी नेपोटिज्म पर अपनी आवाज मुखर की है. भोजपुरी क्वीन अक्षरा सिंह (Bhojpuri Queen Akshara Singh) अक्षरा सिंह का मानना है कि हर जगह नेपोटिज्म है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि गैर फिल्मी बैकग्राउंड से आने वाले प्रतिभाशाली लोगों की अनदेखी हो. उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है.
भोजपुरी क्वीन अक्षरा सिंह (Bhojpuri Queen Akshara Singh) ने कहा कि जिसके माता-पिता जिस भी क्षेत्र में होते हैं, वे चाहते हैं कि उनका बच्चा उसी क्षेत्र में कदम रखे. ऐसा ही बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी है. इन सबके बावजूद भी कई लोग गैर फिल्मी पृष्ठभूमि से आए और अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ गए. इनमें शत्रुध्न सिन्हा, मनोज वाजपेयी, सुशांत सिंह राजपूत, पंकज त्रिपाठी, संजय मिश्रा व अन्य कलाकार हैं. मेरे ख्याल से हर जगह प्रतिभा को सम्मान मिलना चाहिए और उसे आगे बढ़ने देना चाहिए.
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भोजपुरी क्वीन अक्षरा सिंह (Bhojpuri Queen Akshara Singh) ने कहा कि स्टार किड्स को जिस तरह का मौका और प्लेटफॉर्म आसानी से दिया जाता है, मेरे ख्याल से हम सभी कलाकारों को जो एक्टर बनने के लिए जाते हैं और प्रतिभाशाली हैं, उन्हें भी मौका मिलना चाहिए. साथ ही उसी प्रक्रिया से स्टार किड्स को गुजरना चाहिए. उन्हें भी ऑडिशन की प्रक्रिया से गुजरना चाहिए. उन्होंने नेपोटिज्म से ज्यादा ग्रुपिज्म को खतरनाक बताया और कहा कि इसका शिकार हर कलाकार से लेकर छोटे तकनिशयन तक हैं.
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