दुनिया के सबसे ताकतवर नेता डोनाल्ड ट्रंप जब भी मंच पर बोलते हैं, तो पूरी दुनिया की नजरें उनके शब्दों पर होती हैं. लेकिन क्या हो अगर किसी को ट्रंप के बोलने से पहले ही उनका एक-एक शब्द पता हो? व्हाइट हाउस में बिल्कुल ऐसा ही हुआ है. ट्रंप के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक और उनके डेप्युटी असिस्टेंट (टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर) गैब्रियल पेरिस ने इसी जानकारी का फायदा उठाकर करोड़ों का सट्टा खेला. पेरिस ने 'कशी' (Kalshi) नाम के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रंप के भाषणों में इस्तेमाल होने वाले शब्दों (जैसे- चीन, टैक्स) पर सट्टा लगाया और बिना किसी रिस्क के 83 लाख रुपये से ज्यादा का मुनाफा कमा लिया. इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि कैसे इस हाई-प्रोफाइल 'वर्ड इनसाइडर ट्रेडिंग' का भंडाफोड़ हुआ और कैसे लालच ने व्हाइट हाउस के एक अहम कर्मचारी का करियर खत्म कर दिया.