अखिलेश-मायावती ने बीजेपी को घेरा... यूपी में चुनाव से पहले 'आरक्षण' पर संग्राम

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  • प्रकाशित: अगस्त 24, 2026

उत्तर प्रदेश में आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात की. इस मुलाकात में सुधार मंच के नेताओं ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और समीक्षा की मांग की. ब्रजेश पाठक ने छात्रों की मांगों को सुना, उनका पत्र स्वीकार किया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस विषय को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाएंगे और जल्द ही केंद्रीय मंत्रियों के साथ उनकी बैठक भी कराएंगे. 
उपमुख्यमंत्री के इस कदम और आश्वासन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में तीखा घमासान शुरू हो गया है. विपक्षी दलों ने इसे आरक्षण को कमजोर करने की साजिश बताया है. समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर भाजपा पर सीधा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि 'समीक्षा', 'सुधार' और 'क्रीमी लेयर' जैसे शब्दों की आड़ में दलितों, पिछड़ों और वंचितों (PDA समाज) के संवैधानिक अधिकारों को छीनने की कोशिश की जा रही है. यादव ने दो टूक शब्दों में कहा कि "आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा."

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