महाराष्ट्र के एक बड़े हिस्से में जल संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है. राज्य का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा भीषण सूखे की चपेट में आ चुका है, जहां ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. नदियों, कुओं और बांधों का जलस्तर तेजी से घटने के कारण स्थिति दिन-ब-दिन और गंभीर होती जा रही है.