महाराष्ट्र की राजनीति उबाल पर है. कुछ देर पहले ये खबर चल रही थी कि कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन देने की बात कही है. सोनिया ने पवार को फोन पर ये रजामंदी दी है. लेकिन कांग्रेस की ओर से जारी चिट्ठी में कहा गया है कि अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है. इसके पहले आज दिन भर बदलती रही महाराष्ट्र की राजनीति. सरकार बनाने में बीजेपी की नाकामी के बाद कल राज्यपाल ने शिवसेना को बुलाया और शाम सात बजे तक की मोहलत दी. उधर कांग्रेस-एनसीपी ने इशारों-इशारों में साफ कर दिया कि शिवसेना अगर एनडीए से अलग होगी तभी उसके समर्थन पर फैसला होगा. इसके बाद शिवसेना ने तीस साल पुराना अपना गठबंधन तोड़ने का फैसला किया. मोदी सरकार में मंत्री रहे अरविंद सावंत ने प्रधानमंत्री से मिलकर अपना इस्तीफा देने का ऐलान किया.