एक समय था जब भारतीय टेलीविजन पर कुछ सीरियल्स का ऐसा दबदबा था कि उनके टाइटल सॉन्ग भी घर-घर में गूंजते थे. 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी', 'कसौटी जिंदगी की', 'कहानी घर घर की', 'कहीं तो होगा' और 'कुसुम' जैसे शो शुरू होते ही दर्शक उनके गाने भी गुनगुनाने लगते थे. दिलचस्प बात यह है कि इन सुपरहिट सीरियल्स की पहचान बन चुके कई टाइटल ट्रैक्स के पीछे एक ही आवाज थी. उस दौर में लाखों लोग रोज उनकी आवाज सुनते थे, लेकिन उन्हें गाने वाली गायिका का नाम बहुत कम लोगों को पता था. यह आवाज थी प्रिया भट्टाचार्य की.
टीवी की दुनिया की जानी-पहचानी आवाज
प्रिया भट्टाचार्य ने उस दौर के कई बड़े टीवी सीरियल्स के टाइटल ट्रैक गाए थे. 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी', 'कसौटी जिंदगी की', 'कहानी घर घर की', 'कहीं तो होगा' और 'कुसुम' जैसे लोकप्रिय शो की शुरुआत उनकी आवाज से होती थी. उस समय टाइटल सॉन्ग किसी भी सीरियल की पहचान का अहम हिस्सा माना जाता था और इन गानों ने दर्शकों के बीच अलग जगह बनाई थी.
आज के दौर में दर्शक सीधे एपिसोड देखना पसंद करते हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब लोग सीरियल का टाइटल सॉन्ग पूरा सुने बिना चैनल नहीं बदलते थे. इन गानों ने शो की पहचान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी. प्रिया भट्टाचार्य की आवाज भी उसी दौर की यादों से जुड़ गई.
अलका याज्ञनिक और कविता कृष्णमूर्ति से भी हुई तुलना
प्रिया भट्टाचार्य की आवाज को लेकर उस दौर में काफी चर्चा होती थी. कई दर्शकों को उनकी गायकी में अलका याज्ञनिक और कविता कृष्णमूर्ति की झलक महसूस होती थी. यही वजह थी कि कई बार लोग उनकी आवाज सुनकर कन्फ्यूज भी हो जाते थे. हालांकि प्रिया ने टेलीविजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई और उनके गाए टाइटल ट्रैक्स आज भी कई दर्शकों की यादों का हिस्सा हैं.
प्रिया भट्टाचार्य का नाम भले हर किसी को याद न हो, लेकिन उनके गाए कई टाइटल ट्रैक्स आज भी दर्शकों की यादों में बसे हुए हैं. यही वजह है कि 'कसौटी जिंदगी की', 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' या 'कहीं तो होगा' जैसे शो का जिक्र होते ही उनकी आवाज भी लोगों को याद आ जाती है.
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